लक्की राठौड़ बरवेट
प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान बच्चों की शिक्षा के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। प्रदेश के मुखिया शिक्षा में कोई कमी ना आए इसके लिए हर सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। लेकिन इसके उलट उनकी शिक्षा विभाग के अधिकारी प्रदेश के मुखिया के सपनों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला बरबेट संकुल के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बरवेट में देखने को मिला।
संकुल केंद्र बरवेट में कुछ माह पूर्व शिक्षा व्यवस्था आदि सब कार्य विधिवत हो रहा था।परंतु नवीन प्राचार्य के रूप में जैसे ही मालवीय ने प्रवेश किया स्थिति खराब होती चली गई।स्थिति यह है कि इस स्कूल में सिवाय विवादों के और कुछ नहीं चलता।कभी शिक्षक और प्राचार्य के बीच विवाद होता है कभी पालक और प्राचार्य के बीच विवाद होता है और कभी पत्रकार और प्राचार्य के बीच विवाद होता है। इन सब विवादो में एक पक्ष तो लगातार बदलता रहता है लेकिन दूसरा पक्ष प्राचार्य के रूप में यथावत रहता है।अभी पिछले दिनों बरबेट प्राचार्य ने एक पत्रकार को पत्रकार मानने से ही इनकार कर दिया।वहीं शनिवार के दिन विद्यालय समय पर नहीं खुला।यह मामला भी सोशल मीडिया पर चलता रहा।वहीं इसी दिन प्राचार्य महोदय दूसरे किसी पत्रकार से भी उलझ गए।अपनी तानाशाही और मनमर्जी चलाने के पीछे बच्चों की शिक्षा से भी खिलवाड़ किया जा रहा है।
इसमें कोई तो है जो मालवी की तानाशाही को मजबूती देने का काम कर रहा है….. भगवान करे वह कोई कलमकार ना हो…..
हालांकि कई शिक्षक भी प्राचार्य से काफी परेशान है परंतु शिक्षा व्यवस्था को बीच में ले आने पर चुप हो जाते हैं……
मालवी पुराण,,,पढे अगले अंक में…..हर विवाद की कहानी….
पढ़ते रहिए वाईस आफ झाबुआ