
उडता तीर – सुनील खोड़े
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पेटलावद। बीती रात ताबड़तोड़ आबकारी विभाग का अमला करडावद गांव के अंधे मोड़ पर फिल्मी स्टाइल में एक आईसर वाहन को घेराबंदी कर रोक लिया गया जिसकी तलाशी और सर्चिंग करने पर उक्त वाहन में सिर्फ हरि सब्जियो के बारदान भरे हुए थे परंतु पूरा घटनाक्रम देखने वालों की माने तो आबकारी विभाग का महकमा और पूरा दलबल एक्शन मोड़ पर दिखाई दिया उल्लेखनीय है कि आबकारी विभाग के गुप्तचरो की सूचना पर आबकारी विभाग यहां कार्रवाई करने पहुंचा था सूचना थी कि बदनावर की ओर से एक आईसर में शराब भरकर आ रही है सूचना पाकर आबकारी विभाग के जिम्मेदार गदगद हो गए ताबड़तोड़ आनन-फानन में पेटलावद से लेकर झाबुआ तक का आबकारी अमला उक्त कार्रवाई को अंजाम देने पहुंचा था साथ में शराब ठेकेदार के गुर्गे भी शामिल थे इसी बीच वाहन की सर्चिंग मैं लग गए और जैसे ही करडावद के अंधे मोड़ पर आईसर वाहन पहुंचा वैसे ही फिल्मी स्टाइल में उक्त वाहन की घेराबंदी कर उसकी सर्चिंग शुरू कर दी परंतु उस वाहन में शराब की जगह हरि सब्जियां भरी हुई थी जो की गुजरात जा रही थी आबकारी विभाग की ताबड़तोड़ और आनन-फानन वाली कारवाही खोदा पहाड़ निकली चुहिया वाली कहावत चरितार्थ करती है जिस तरह से पूरी प्लानिंग के साथ आबकारी अमला शराब की गाड़ी पकड़ने को आतुर परंतु जब वाहन की चेकिंग की गई तो सिर खुजाल्ते खुजालते आईसर वाहन से उतर कर आना पड़ा इस पूरी कार्यवाही को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आबकारी विभाग का कोई खुफिया तंत्र मजबूत नहीं है सिर्फ आबकारी विभाग के जिम्मेदार गुप्तचरों की बैसाखीयो के भरोसे कार्यवाही को अंजाम देते हैं । रोमांचक बात तो यह है कि आबकारी विभाग में एक परिचित साहब उस कारवाही में मैं सम्मिलित थे जोकि जिम्मेदार पद पर है उन्होंने जैसे ही पत्रकार की एंट्री होते देखा तो वैसे ही उनके चेहरे की हवाइयां उड़ गई जब उनसे हाल-चाल पूछा तो उनका कहना था कि मैं तो पाकिस्तान में चला गया हूं। परंतु तुमको हमारी खबर कौन देता है ।