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घटिया नाली निर्माण की तरह सरपंच दिनेश गणावा की सोच भी हुई घटिया? गरीब आदिवासियों के साथ भेदभाव के लगे आरोप, सामान्य बस्ती में बेहतर तो आदिवासी बस्ती में घटिया निर्माण? जिनके वोट लेकर सरपंच बने, उन्हीं की हो रही उपेक्षा!  ग्रामीणों ने की नारेबाजी, सरपंच के खिलाफ बढ़ा आक्रोश

संवाददाता सुनील खोडे 

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पेटलावद । ग्राम पंचायत बोडायता लगातार विवादों के केंद्र में है। इस बार पंचायत में कराए गए नाली निर्माण कार्य को लेकर सरपंच दिनेश गणावा पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता करण गरवाल ने ऑन कैमरा बयान देते हुए आरोप लगाया है कि पंचायत द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों में भेदभाव किया गया है तथा आदिवासी बस्ती में घटिया गुणवत्ता का निर्माण कराया गया है, जबकि सामान्य बस्ती में अपेक्षाकृत बेहतर कार्य किया गया। करण गरवाल का आरोप है कि पंचायत द्वारा विकास कार्यों में सभी ग्रामीणों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों के क्षेत्रों में बनाए गए नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या पंचायत विकास कार्यों में भी भेदभाव की नीति अपना रही है।

मामले को लेकर गांव में भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीण बाबू गरवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए और सरपंच दिनेश गणावा के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और ही है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन लोगों ने सरपंच को अपना जनप्रतिनिधि बनाकर पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी थी, आज वही लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराए जाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

हालांकि इन आरोपों को लेकर जब सरपंच दिनेश गणावा का पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो वह आज तक बयान देने से भागते नजर आए। ऐसे में आरोपों की सत्यता की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी। लेकिन जिस प्रकार ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और शिकायतकर्ता ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं, उससे पंचायत में चल रहे विकास कार्यों और उनकी गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा मामले की जांच कर ग्रामीणों को न्याय दिलाने की दिशा में क्या कदम उठाते हैं।

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