संवाददाता – सुनील खोडे
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झाबुआ/पेटलावद। ‘वॉइस ऑफ झाबुआ’ द्वारा सारंगी में राजस्व भूमि घोटाले का खुलासा करने के बाद अब पीड़ित खुद सामने आ गए हैं। ग्राम सारंगी निवासी ब्रजेश पिता रमेशचन्द्र कुलम्बी ने SDM पेटलावद और तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर सरपंच-सचिव पर 5 लाख रुपए की ठगी और फर्जी पट्टा देने का आरोप लगाया है। शिकायत के साथ 500 रुपए की रसीद और अवैध पट्टे की छायाप्रति भी संलग्न की गई है।
क्या है पूरा मामला: प्रार्थी ब्रजेश कुलम्बी के अनुसार सरपंच-सचिव ने उसे ग्राम सारंगी की शासकीय भूमि सर्वे नंबर 1784/2, वार्ड नंबर 19 में 12.6×75 वर्गफीट का प्लॉट देने का आश्वासन दिया। कहा – “अभी 500 रुपए की रसीद कटा लो, बाद में 5 लाख और देना, प्लॉट तुम्हारा”।
12.06.2023 को हुई डील: विपक्षीगण के कहने पर प्रार्थी ने 12.06.2023 को 500 रुपए की रसीद कटवाई। इसके बाद सरपंच-सचिव ने 5 लाख रुपए और मांगे। प्रार्थी ने 5,00,000 रुपए नगद दे दिए। उसी दिन 12.06.2023 को सर्वे नं. 1784/2 में 12.6×75 का फर्जी पट्टा थमा दिया और कहा – “जमीन पर कब्जा कर लो, हम खड़े रहकर मकान बनवा देंगे”।
रसीद मांगने पर टालमटोल जब ब्रजेश ने 5 लाख की रसीद मांगी तो सरपंच-सचिव ने कहा – “रसीद बाद में ऑनलाइन आ जाएगी”। आज दिनांक तक 5 लाख की कोई रसीद नहीं मिली। सिर्फ 500 रुपए की रसीद पकड़ा दी।
15.06.2026 को खुली पोल: दिनांक 15.06.2026 को तहसीलदार महोदय मौके पर पहुंचे और ब्रजेश से कहा – “यहां से अतिक्रमण हटाओ”। जब ब्रजेश ने बताया कि “5,00,500 रुपए देकर पट्टा लिया है” तो तहसीलदार ने साफ कहा – *”यह पट्टा अवैध है”* और तत्काल प्लॉट से आधिपत्य हटवा दिया। तभी ब्रजेश को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है।
शिकायत में क्या लिखा: ब्रजेश ने SDM और तहसीलदार को दिए आवेदन में लिखा – “विपक्षीगण सरपंच-सचिव ने मेरे साथ धोखाधड़ी की है। मुझे जाल में फंसाकर अवैध-अवैधानिक पट्टा जारी किया है।