संवाददाता – सुनील खोडे
——————————–
झाबुआ। सीएमएचओ का पदभार ग्रहण करते ही डॉ. एम एल चोपड़ा ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अपना विजन साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि “मेरा लक्ष्य है कि गांव तक दवा और डॉक्टर पहुंचे। आम जनता और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को शासन की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए मैं संकल्पबद्ध हूं।”
क्या कहा डॉ. चोपड़ा ने: पदभार ग्रहण के बाद मीडिया से चर्चा में डॉ. एम एल चोपड़ा ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। “PHC-CHC भगवान भरोसे नहीं चलेंगे। हर केंद्र पर डॉक्टर की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और जांच सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। आदिवासी अंचल के दूरस्थ गांवों तक एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचेगी। कोई भी गरीब इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेगा।”
अंतिम पंक्ति’ का मतलब: झाबुआ जैसे आदिवासी जिले में ‘अंतिम पंक्ति’ का मतलब है – बोड़ायता, कल्याणपुरा, उमरकोट, झकनावदा, माछलिया जैसे दूरस्थ गांव। जहां आज भी गर्भवती महिलाओं को खाट पर लादकर 20 किमी दूर अस्पताल लाना पड़ता है। जहां दवा के लिए 50 रुपए की पर्ची कटती है। डॉ. चोपड़ा का संकल्प इन्हीं इलाकों के लिए उम्मीद की किरण है।