झाबुआ: सुप्रीम कोर्ट ने ‘ताराचंद्र बनाम भवरलाल’ मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (MPLRC) के तहत वसीयत के आधार पर जमीन का नामांतरण (Mutation) किया जा सकता है। अधिवक्ता अक्षत भंडारी द्वारा बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें हाई कोर्ट ने ‘रंजीत बनाम नंदिता सिंह’ केस का हवाला देते हुए वसीयत के आधार पर नामांतरण को नियम विरुद्ध बताया था। शीर्ष अदालत ने माना कि हाई कोर्ट द्वारा रंजीत सिंह वाले फैसले पर भरोसा करना और तहसीलदार के आदेश को रद्द करना गलत था। कोर्ट ने साफ किया कि यदि मृतक के कानूनी वारिसों को वसीयत पर कोई आपत्ति नहीं है, तो तहसीलदार नामांतरण करने के लिए सक्षम है। यह निर्णय वसीयत धारकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।