दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा में सन 2016 से मंडी निर्माण पूर्व होने के बाद इसके पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद से ही यहां सिर्फ चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा के ही अनाज व्यापारियों को ही मंडी में अनाज खरीदी करने के लिए आदेश और निर्देश मंडी संचालक कर्मचारी अय्यूब मकरानी कर रहे है लेकिन भाभरा के व्यापारियों का कहना है कि ग्राम बरझर सेजावाड़ा , झिरन, बड़ी मिर्यावाट और अन्य गांवों में जितने भी अनाज व्यापारी है वो खुल्ले आम अनाज की खरीदी अपने निजी घर या दुकान से कर रहे है

जिसकी मंडी अधिकारियों को पूर्ण जानकारी है और उनका अनाज मंडी में आए बिना ही दाहोद बरझर सेजावाड़ा बॉय पास रोड से निकलकर दाहोद मंडी चला जाता है । सेजावाड़ा बोर्डर के पास एक राष्ट्रीय राज्य मार्ग के किनारे स्थित लोहे के धर्मशाला में एक कृषि विभाग अधिकारी रोजाना गाड़ी रोककर क्या बात करके गाड़ी रवाना कर देते है उसकी विस्तृत जानकारी व्यक्ति भाग के पास भी नहीं है ।जो फर्जी कृषि चेक पोस्ट जैसा काम करने के लिए खड़े रहते है ।वहां कोन अधिकारी कर्मचारी रहता है उसकी किसी भी कृषि विभाग के अधिकारी या कर्मचारी को इसकी जानकारी नहीं ही ।

दूसरी बात कृषि मंडी में सन, 2016 से हो रही शादियों में इस ग्राउंड का उपयोग किया जाता है जिसकी रशीद 2500 ली जाती है साथ ही अतिरिक्त राशि भी ली जाने की जन चर्चा और सूत्रों से जानकारी मिली है । जिसका हिसाब भी मंडी अधिकारी रखते है या नहीं । उस राशि का क्या किया गया उसकी भी जांच होनी चाहिए जिला कलेक्टर नीतू माथुर को इस मंडी में 2016 से शादी की रशीद में लिए गए रुपयों का अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्या किया। क्योंकि 2016 के बाद जो भी व्यापारियों ने टैक्स दिया या जो रशीद काटी है उस राशि से कुछ भी नया निर्माण कार्य तो हुआ ही नहीं ।आज मंडी में विद्युत की समुचित व्यवस्था नहीं है , साथ ही पानी गोदाम और मजदूर तो बिल्कुल भी नहीं है और इस मंडी में सुरक्षा तो बिल्कुल भी नहीं है और आसपास मंडी के काफी झाड़ियां बड़ी हुई है जिसमें कई जहरीले जानवर हो सकते ही इस मंडी में पाई जाने वाली अनियमितता की विधिवत जांच की जाना चाहिए ।।।