रिपोर्टर सुनील खोड़े
पेटलावद जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मोहनकोट में भारी भ्रष्टाचार किए जाने के आरोप जनपद सदस्य वीरू सिंह भाभर और ग्रामीणों के द्वारा लगाए गए हैं। जिसको लेकर जनसुनवाई में भी शिकायत की गई है वहीं उच्च अधिकारियों को भी मामले से अवगत करवाया गया है। लगातार जनपद सदस्य एवं ग्रामीणों के द्वारा मोहनकोट में हुए भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें की जा रही है और सरपंच सचिव पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। विभागीय जांच के दौरान भी नाली निर्माण में अनियमितता पाई गई है। ओर सरपंच सचिव से राशि वसूलने को लेकर भी जांच प्रतिवेदन बनाया गया है।
यह है मामला
ग्राम पंचायत मोहनकोट द्वारा नाली निर्माण कार्य 15 वित्त आयोग से लागत 6 लाख 89 हजार रुपए से किया जाना था। जिसमे ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव की मिलीभगत से 2 लाख 43 हजार रुपये निकाल लिए गए। गए जबकि मौके पर नाली निर्माण नहीं किया गया। और मोके पर विवादित स्थिति बताकर जांच टीम को भी गुमराह करने का काम किया गया।
सरपंच-सचिव से वसूली के आदेश
मामले को लेकर जनपद सदस्य वीरू सिंह भाभर द्वारा अधिकारियों को शिकायत की गई, जिसमें जनपद सीईओ द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर सरपंच ममता डामर एवं सचिव सुभाष भूरिया से 2 लाख 43 हजार रुपये पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत वसूली योग्य बताया गया है। ओर वसूली को लेकर कार्यवाई आगे बढ़ाई गई है। कुल मिलाकर जांच प्रतिवेदन में भी नाली निर्माण की शिकायत मामले में अनियमितता पाई गई है। ग्राम पंचायत सरपंच सचिव द्वारा नाली निर्माण के दौरान भ्रष्टाचार किया गया है।
सरपंच, सचिव पर आरोप
जनपद सदस्य वीरू सिंह भाभर एवं अन्य ग्रामीणों ने सरपंच ममता मुन्नालाल डामर, पंचायत सचिव सुभाष भूरिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि सरपंच सचिव मिलकर लगातार पंचायत में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। शासकीय योजनाओं को पलीता लगाते हुए ग्राम पंचायत में लगातार भ्रष्टाचार किया जा रहा है। और शासकीय रुपयों का दुरुपयोग करते हुए ग्रामीणों को ठग रहे हैं। जबकि ग्राम पंचायत में कोई निर्माण कार्य नहीं किए जा रहे है। जनपद सदस्य व ग्रामीणों ने मांग की है कि अवैध रूप से शासन की राशि हड़पने के मामले में सरपंच के विरुद्ध धारा 40 के तहत कार्यवाई कर सरपंच को पद से हटाया जाए एवं अनियमितता करने वाले सचिव सुभाष भूरिया के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। क्योंकि अगर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इसी तरह अनियमितता और भ्रष्टाचार किया जाएगा।
वसूली हेतु भेजा आगे
मामले में जांच अधिकारी ज्ञान सिंह चौहान ने कहा की मौके पर नाली निर्माण नहीं पाया गया। जिस पर हमारे द्वारा सरपंच ममता डामर एवं सचिव सुभाष भूरिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 लाख 43 हजार रुपये की राशि वसूली करने को लेकर जांच प्रतिवेदन बनाकर जिले में भेजा गया है। जहां से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत मोहनकोट में और भी कई बड़े भ्रष्टाचार किए गए है, जिसमें सरपंच सचिव एवं ग्राम पंचायत में पदस्थ इंजीनियर की अहम भूमिका रही है। लगातार हम आपको अलग-अलग खबरों के माध्यम से पंचायत में हुए भ्रष्टाचार के कारनामो से रूबरू करवाएंगे… जल्द पढ़िए अगली ख़बर….!!