झाबुआ। सुना है थांदला में मंडल अध्यक्ष के लिए जमकर रस्सा कस्सी चल रही है… अभी अपने आकाओं की खिदमत कर मंडल अध्यक्ष बनने की जुगत में लगे हुए है… बडी बात जो यह है जो अभी अभी नये नये पैदा हुए हैै… उनके लिए कुछ 420 लोग… जो बंदरों की तरह इधर उधर गुलांटियां मारते है वो कल से नेताजी के घर डेरा डाल बैठे हुए है… कि इसकों नी बनाओ ये बनना नी चीये… इनकी जगह इनको बना दो.. लेकिन नेताजी भूल गए गए कि विधानसभा चुनाव के समय येईज लोग बोल रहे थे… नेताजी की अवैध वसुली से तो हम परेशान है… इस बार तो इनकों जाना ही चाहिए… अब वहीं काले कारनामें करने के लिए कल नेताजी के घर बैठ कर ऐसे नौसिखियों को मंडल अध्यक्ष बनाना चाहते है…जिनकों 10 लोगो की भीड इकटठी करने का कहो तो वो भी नही इकटठी कर पाये… कुछ लोगों को पार्टी से मतलब नही है… वो तो सिर्फ पार्टी का नाम लेकर अपने काले कारनामें करना चाहते है… अभी तो थांदला का माहौल है… उसकी वजह से इनकी दुकानदारी चल रही पा रही है… ऐसे में पार्टी के निष्ठावान और वफादार व्यक्ति को ही मंडल अध्यक्ष बनाना चाहिए। ताकि आने वाले समय में पार्टी के प्रति सही ढंग से काम कर सके।