सुना है शराब माफिया सपने देख रिया भाजपा जिलाध्यक्ष बनने के
झाबुआ। चाल चरित्र की बात करने वाली पार्टी भाजपा अब प्रदेश से लेकर मंडल तक में फेर बदल करने वाली है। ऐसे में हर कोई अपनी अपनी जुगाड में लगा है कि कोई मंडल अध्यक्ष बन जाये तो कोई महामंत्री तो फिर कोई जिलाध्यक्ष…झाबुआ में भाजपा जिलाध्यक्ष की दौड में कई लोग लगे हुए है।
सुना है एक शराब माफिया… जिसे हाथ पकड कर अलकेश ने आगे बढाया… फिर इस शराब माफिया गातला ने उसी का खाकर उस ही की थाली में छेद कर उसी के साथ दगा किया। ये अपराधी किस्म का शराब माफिया 8 माह फरार रहा जिसे पुलिस ढूंढती रही… बाद में इसकों पुलिस ने धर दबोचा…सुना है इसके घर पर भी बुलडोजर चलने वाला था…लेकिन वो बच गया…फिर इसने राय ग्रुप का दामन थामा और सिंडिकेट बनाकर अवैध शराब की तस्करी की… जब प्रशासन ने इन पर कार्रवाई की तो इसने भाजपा में बैठके अपने आकाओं से प्रशासन पर दबाव बनाया… ये वो माफिया है जो अपनी बहन बेटियों को तक नही छोडता…वो क्या भाजपा की बैठकों में आने वाली महिलाओं पर बुरी नजर नही डालेगा क्या… अब भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान को सोचना होगा कि ऐसे शराब माफिया को जिलाध्यक्ष बना कर क्या पुरे जिले को अवैध शराब का गढ बनाना चाहती है… क्या जिले की महिला भाजपा की विरोधी हो जाये और एक समय आये इसके द्वारा जो नकली अवैध शराब परोसी जाये…और जिससे जिले में लाशो के ढेर लग जाये….! अब निर्णय भाजपा आलाकमान का कहोगा की एक शराब माफिया… जिसके भाजपा में बैठे आका जो इसे जिलाध्यक्ष बनाने में लगे हुए… वो क्या इसे जिलाध्यक्ष बनवाकर क्या जिले से भाजपा को खत्म करना चाहते है… आने निर्णय आलाकमान का होगा… अब देखना यह है कि भाजपा आलाकमान एक माफिया को जिलाध्यक्ष बनाती है… या फिर पार्टी के प्रति निष्ठावान व ईमानदार व्यक्ति को बनाती है… !