वॉइस ऑफ़ झाबुआ
थांदला – न्यायालय में सच का सच और झूठ का झूठ हो ही जाता है। ये एक बार फिर साबित हो गया है । न्यायिक दण्डाधिकारी महोदय श्रीमान् सचिन कुमार जाधव सहाब के न्यायालय मे बीते सोमवार को चेक बाउंस मामले के अभियुक्त मनोज पिता रमणलाल पंचाल निवासी थांदला को 3,50,000 रूप्ये के चेक बाउंस मामले से दोषमुक्त कर दिया।
दअरसल फ़रिवादी पंकज पिता बाबुलाल पंचाल ने अभियुक्त मनोज पिता रमणलाल पंचाल पर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उधार दिये गये रूपये 3,50,000/- रूपये वसुली हेतु माननीय न्यायालय के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया था। तथा उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष एसी.सी.एन.आई.ए 43/2022 पर दर्ज होकर उक्त मामले में विचारण हुआ तथा आरोपी की और से पैरवी करने हेतु लोकेन्द्र शर्मा अधिवक्ता उपस्थित हुवे तथा उक्त मामले के संपुर्ण विचारण के बाद तथा अभियुक्त अधिवक्ता श्री लोकेन्द्र शर्मा निवासी अगराल की दमदार पैरवी के कारण परिवादी का परिवाद निरस्त कर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया। यह माना जाता है कि चेक बाउंस के मामले में आरोपी को रूपया देना ही होता है और नही देने पर आरोपी को सजा हो जाती हैं। परंतु इस बात को दरकिनार करते हुवे यह तय हो गया कि यदि कोई झुठा परिवादी किसी व्यक्ति पर झुठा केस फाईल करता है तो न्यायालय में सच का सच और झूठ का झूठ हो ही जाता है। सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।सत्य के मार्ग में विपत्तियां आती हैं, लेकिन इसमें चलने वाले को जो आनंद मिलता है, वह अनिर्वचनीय होता है अभियुक्त की और से पैरवी अधिवक्ता लोकेन्द्र शर्मा ने की।