अलीराजपुर : केंद्रीय खान मंत्रालय द्वारा इसी माह के 9 जुलाई को आयोजित दूसरे चरण की नीलामी में कोल इंडिया (सीआईएल) ने अलीराजपुर जिले के छोटी खट्टाली में ग्रेफाइट ब्लॉक जो कुल क्षेत्रफल लगभग 600 हेक्टेयर का हैं को नीलामी में प्राप्त कर लिया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेश पटेल और जोबट विधायक सेना पटेल ने इस नीलामी पर आदिवासी समाज की भूमि को नीलाम में देने पर गहरा रोष व्यक्त किया है, तथा इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की हैं अन्यथा जिले के आदिवासी समाज द्वारा शासन प्रशासन के खिलाफ जल्दी ही जबरजस्त आंदोलन किया जाएगा। इस विषय में कल दोपहर को जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की गई हैं।पटेल दंपत्ति ने कहा की यह नीलामी अलीराजपुर जिले के आदिवासी समाज के साथ सरासर धोखा है। इस भूमि के संबंध में वर्तमान जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री तथा सत्तासीन भाजपा नेताओं ने वादा किया था कि जोबट क्षेत्र की एक इंच भूमि को भी नीलाम नहीं किया जाएगा परंतु
सीआईएल को पहला गैर-कोयला खनिज खनन ग्रेफाइट को डेढ़ गुना नीलामी बोली पर दे दिया गया हैं, यह नीलामी राशि मप्र शासन को प्राप्त होगी। शासन द्वारा कुछ राशी की लालच में आदिवासी हितों को ताक पर रखकर यह नीलामी की गई हैं जो निंदनीय और स्वीकार करने योग्य नहीं हैं।
पटेल दंपत्ति ने कहा कि कोल इंडिया
कंपनी को एनआईटी समयसीमा के तहत औपचारिकताओं को पूरा करने के एक वर्ष में सीआईएल को समग्र लाइसेंस जारी किया जाएगा। अतः राज्य सरकार और केन्द्र सरकार से अनुरोध हैं कि उनके पास पर्याप्त समय हैं कि वे कोल इंडिया लिमिटेड कंपनी को इस भूमि को आवंटित करने का लाइसेंस नहीं दे, ताकि इस भूमि पर किसी तरह का खनन नहीं हो सके। इस नीलामी को निरस्त करने हेतु राज्य और केंद्र सरकार अपनी और से किए गए प्रयास को अगले दिनों में सार्वजनिक नहीं करते हैं तो क्षैत्र में जल्दी ही आदिवासी समाज द्वारा विशाल जन आंदोलन किया जाएगा जो इस खदान को निरस्त करने तक जारी रहेगा। इस आंदोलन की समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी।