झाबुआ। जिले में सटटे का मुख्य सरगना विक्की… ने कई घरों को बर्बाद किया हुआ है…. इसके सटटे व सुदखोरी का जाल ऐसा फैला हुआ है कि जिले का कोई भी कोना ले लो… इसके गुर्गेे मिलेंगे ही… लगभग 54 से अधिक इसके वाटसअप ग्रुप है जो इसके 54 गुर्गे संभालते है… उन 54 गुर्गो के भी ग्रुप बने हुए है… जिन पर सटटे का कारोबार आता है… मिलन और टाईम जैसे सटटे की लिंकों से इसका सीधा संपर्क है… जिले में ऐसी कोई जगह नही जहां से इसका काला कारोबार न चलता हो… कुछ साल पहले इन्होने कुन्दनपुर में जुए सटटे का कारोबार किया… वहां एक आदमी को बर्बाद करने के बाद झाबुआ के एक युवक को इसने अपना निशाना बनाया… उसे भी बर्बाद कर सडक पर ला दिया… अब इन्होने स्वर्गीय शशिकांत खत्री को भी अपना शिकार बनाया… और इसके हुडा क्षेत्र के गुर्गो ने शशिकांत को इतना डराया धमकाया की पुछोईज मत…. तात्कालीन थाना प्रभारी सुरेन्द्र गडरिया ने इस पर नकेल कसी थी… लेकिन पुलिस विभाग के एक छोटे कर्मी ने इससे 50 हजार रूपए महिना बंदी में सेटिंग कर ली… जिसकी थाना प्रभारी को भनक ही नही थी… हालांकि उस समय इस पर मामला भी दर्ज हुआ था… लेकिन खाकी छुपा ये दलाल ऐसा मामला सेट करता था कि किसी को पता भी नही चलता था… अब पेटलावद रह कर शराब माफियाओं की दलाली कर रहा है… जिसका शराब माफिया के साथ फोटो भी वायरल हो रहा है… झाबुआ पुलिस को छुटमुट की बजाय ऐसे बडे सरगनों पर कार्रवाई करनी चाहिए… लेकिन झाबुआ पुलिस ऐसे सरगनों से डरती है… और छोटे मोटों पर अपनी धोंस जताती है…. एक बार अगर पुलिस इसे पकडती है तो एक बडे सरगने का खुलासा हो सकता है… अब बात है स्वर्गीय शशिकांत की तो उन्हें भी इसने अपने जाल में ऐसा फंसाया कि वो इसके जाल से निकल ही नही पाया… और आखिरकार आत्महत्या करने के लिए उसे मजबुर होना पडा… पुलिस को ऐसे अपराधी पर नकेल कसनी चाहिए ताकि इस तरह से किसी को अपनी जान से हाथ न धोना पडे।
सुत्रों की माने तो शशिकांत की दुकान पर जीतु और ललित आये दिन डराने धमकाने पहुंच जाते थे… और अभद्रता करते रहते थे… ऐसे में परेशान होकर शशिकांत ने सभी को ली गई रकम अपना मकान बेच कर लौटा दी थी… जिसका पुलिस को दिए आवेदन में जीक्र है… फिर भी ये उसे डराते धमकाते थे… सीधे साधे शशिकांत इन्ही की वजह से झाबुआ छोड पिटोल रह रहे थे… बाकि 3 भी इसी तरह उसे डाराते धमकाते रहते थे… आखिरकार शशिकांत को अपनी जीवन लीला समाप्त करनी पडी…. ऐसे लोगों पर पुलिस को कडी से कडी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि फिर से किसी को इस तरह से डरा धमका न सके। एक सीधे साधे व्यक्ति की इन अवैध कारोबारियो ने जान ले ली… सवाल ये है कि क्या इनके पास सुदखोरी का लाईसेंस था…