अलीराजपुर जिले के वन क्षेत्र और राजस्व के वन क्षेत्र में बीते कई वर्षो से रेत माफिया और खनिज माफिया सक्रिय है और जिनके ऊपर प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही नही होती जिसके कारण खनिज मिट्टी गिट्टी और रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है की जिनके कारण इन माफियाओं द्वारा जब चाहे तब और जहा चाहे वहा शासकीय और वन भूमि पर बिना अनुमति खुदाई कर दी जाती है साथ ही वहा बड़ी बड़ी गैर कानूनी रूप से खदान भी बना ली जाती है ।और उसका उपयोग निजी कार्य और अपनी तिजोरियां भरने के लिए दिन रात किया जाता है लेकिन जिले का प्रशासन आंखे मूंदे इन माफियाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर रेत मिट्टी और गिट्टी माफियाओं के साथ हर दम खड़ा मिलता है और जब भी कोई खराब समाचार पत्रों में प्रकाशित होती है तब तब कुछ दिनो के लिए अपने अमले के साथ जिले भर की सड़के नाप कर दिखावे की कागजी कार्यवाही कर लेते है।और गरीब लोगो पर कार्यवाही कर इतिश्री कर ली जाती है । लेकिन असली माफिया इनको लक्ष्मी जी से पहले ही पूजा कर आते है जैसे ही कोई शिकायत या सूचना जिला खनिज विभाग राजस्व विभाग या जिला कलेक्टर कार्यालय या एसडीएम तहसीलदार को की जाती है वैसे ही माफिया उस दिन से कुछ दिनों के लिए अपना काम बंद कर तीर्थो या धार्मिक स्थलों की यात्राएं चालू कर लेते है और जेसे ही मामला शांत होते ही वापस अपनी जेसीबी मशीन और ट्रको और डंफर और ट्रैक्टर की सहायता से खुदाई कर रेत मिट्टी और गिट्टी का विक्रय चालू कर देते है जिसके कारण अलीराजपुर जिले में कई अवेध गैर कानूनी खदाने निर्मित हो गई है जिससे दिन प्रतिदिन जंगलों और पेड़ो का नुकसान होता जा रहा है ।जिसके लिए कोई भी मंत्री हो या जिला कलेक्टर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया ।हाल ही में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न हुवे और जिले के ही होनहार नेता माननीय नागरसिंह जी चौहान को पूरे प्रदेश के वनों की सुरक्षा और उसके विकाश के लिए सही कदम उठा सके उसके लिए वन मंत्री का दर्जा दिया लेकिन उनके ही जिले में उनके गृह नगर के मात्र 10से 12 किलोमीटर दूर पस्टार, विनत, टोकरियाझीरन,बिना ,लीलू उमरी आदि ग्रामीण वन क्षेत्र और राजस्व क्षेत्र के वनों में भारी मात्रा में अवेध रूप से मिट्टी की खुदाई कर रेत का निर्माण किया जा रहा है जिससे वन भूमि और वन क्षेत्रों का भारी नुकसान हुवा है बीते एक माह से भी अधिक का समय बीत गया है और फॉरेस्ट विभाग और राजस्व विभाग साथ ही जिला कलेक्टर जिला वन अधिकारी और जिला खनिज अधिकारी अभी तक सिर्फ कागजी कार्यवाही और जंगलों और राजस्व क्षेत्र की इन अवेध खदानों के पंचनामे बनाने से ज्यादा कुछ ठोस कार्यवाही नही कर पाए वन मंत्री जी के ग्रह जिले के वन क्षेत्र ही सुरक्षित नही नही तो पूरे प्रदेश के वन क्षेत्रों के क्या हाल है मंत्री जी सड़क का भूमि पूजन कर रहे है जिले के कार्यों की समीक्षा बैठक में जिले भर के अधिकारियों कर्मचारियों की बैठक और उनके कार्य की जानकारी ले रहे है तो उनको यह बात नही पूछनी चाहिए जिले भर के राजस्व और फॉरेस्ट और खनिज अधिकारियों से की जिले भर में अवेध मिट्टी गिट्टी और रेत कहा से आ रही है और जिले भर के हर गांव में बिक्री हो रही है।वह वैधानिक है या गैर कानूनी है ।साथ ही जिले भर के कई शासकीय कार्य और निजी कार्य में भी अवेध रेत,अवेध मिट्टी और अवेध गिट्टी की खुदाई कर उसका ही प्रयोग हो रहा है क्योंकि जिले भर में चार से पांच गिट्टी खदाने है बाकी सब गैर कानूनी जहा से जितना चाहे मर्जी खुदाई करो और बड़े बड़े भवन सड़को और पुल पुलियाओं साथ ही अन्य कार्यों में उपयोग करो ।जिले में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी रोकने वाला ही नही क्योंकि जिले भर के अधिकारी और कर्मचारी साथ ही नेता जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से ही जेसीबी और बड़ी बड़ी पोकलेन मसीनो के खुदाई कर गिट्टी मिट्टी और रेत निकालकर कोडियो के भाव बेची जा रही है क्योंकि यह सब फ्री में मिल रही है और इसके लिए कोई राजस्व या टैक्स या अनुमति लेना ही नही ।करो खुदाई दिन रात और बेचो दिन रात कोई बोलने वाला नही जिले भर में अंधेर नगरी और चौपट राजा जैसा राज्य चालू है ।जिसको जहा मर्ज़ी खोदे और जहा मर्ज़ी जिस रोड से लेकर जाना है जाए और खूब बेचे और अधिकारी और कर्मचारियों और नेताओ और जनप्रतिनिधियों का हिस्सा उनके घर लक्ष्मी रूप में करारी करारी गड्डियों के रूप में पहुंच जाए बस बहुत हुवा।वन मंत्री जी आपके जिले में लगातार एक माह से अवेध मिट्टी से रेत का निर्माण होने की खबरे प्रकाशित हो रही है आपने अभी तक क्या कार्यवाही की उन वन क्षेत्र और राजस्व क्षेत्र जहा वन भूमि पर कई एकड़ में अवेध खदानों का निर्माण कर दिया गया है दौरा किया क्या वहा क्षति हुई भी या नहीं कितने पेड़ो का नुकसान हुवा है इनकी आपने अभी तक कोई जानकारी ही नहीं ली और ना ही इसके खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही करने के निर्देश आज तक नही दिए साथ ही वन विभाग में एक ही जगह 20 ,20 सालो से जमे वन रक्षक डिप्टी रेंजर और अन्य अधिकारियों की सूची देखिए की कभी भी फॉरेस्ट विभाग में अधिकारी और कर्मचारियों को 3 साल से ज्यादा एक जगह नही रखा जाता यहां तो एक ही जगह 20,20 साल से अधिकारी और कर्मचारी जमे है जिनका सीधा माफियाओं से संपर्क है और यही लोग माफियाओं के साथ मिलकर वन क्षेत्र और राजस्व क्षेत्र के वन के वृक्ष की कटाई और उनके विनाश के कारण बन रहे है जिले भर के वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा राजस्व विभाग में भी अंगत की तरह जमे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जांच और उनके कार्य की समीक्षा कीजिए जिससे प्रदेश के अलावा जिले में वनों क्षेत्र की भूमि गिट्टी और रेत और साथ ही पेड़ पौधों की सुरक्षा ही सके और वनों का संपूर्ण विकास ही सके जिनको बचाने के लिए देश के ओजस्वी प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी और प्रदेश के मुख्य मंत्री मोहन यादव जी ने आपको यह जवाबदारी सौपी है । जिले के वन मंत्री माननीय नागरसिंह चौहान खनिज और मिट्टी और अवेध रेत निर्माण करने वाले माफियाओं के खिलाफ क्या कार्यवाही करते है आपको वॉइस ऑफ झाबुआ के अगले अंक में पड़ने मिलेगा ।