दिलीप सिंह भूरिया अलीराजपुर ब्यूरो चीफ
चंद्रशेखर आजाद नगर भाभरा वन क्षेत्र में अवेध मिट्टी की खुदाई कर रेत का निर्माण कर रोजाना 200 ट्रैक्टर रेत बनाई जाती थी साथ ही रोजाना 5से 10 जेसीबी मशीन से खुदाई कर मिट्टी धोकर वन विभाग के क्षेत्र में रोजाना दिन रात रेत बनाने की पूरी की पूरी फैक्टरी चल रही थी विशेष सूत्र से ज्ञात हुवा है की वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मासिक 50000 हजार रुपया एक जगह से उगाही कर रहे थे या यूं कहे बंदी लेते रहे जिसकी वजह से आज एक बड़े भूभाग में खुदाई कर पूरा के पूरा जंगल नष्ट कर तालाब बना दिए है और रोजाना अवेध तरीके से दिन रात रेत निर्माण कर करोड़ों रुपया छपा गया जिससे प्रशासन को लाखो रुपए के राजस्व का चूना दिन रात लगाते रहे
और जिले भर का फॉरेस्ट विभाग आंखे मूंदे वन विभाग और वन क्षेत्र की बर्बादी करवाता रहा जिसके लिए बिना पस्टार और विनत ग्राम के वो लोगो जिम्मेदार है जिनको वन सुरक्षा के लिए शासन प्रशासन और अधिकारी और कर्मचारी जिसकी जवाबदारी सोप रखी थी जिनको वन और वन भूमि की रक्षा और सुरक्षा करनी चाहिए वही वन क्षेत्र को कटवाते रहे और रेत बनवाकर रोजाना बिकवाते रहे साथ ही अपनी तिजोरी लक्ष्मी से भरते रहे ।जिनके ऊपर शख्त कार्यवाही करनी चाहिए साथ ही उन अधिकारी कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर देना चाहिए और उनसे ही समस्त नुकसान की भरपाई करवानी चाहिए ।क्योंकि आजाद नगर भाभरा वन परिक्षेत्र के अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी नोकरी लगे जब से ही आजाद नगर में पदस्थ है उनका आज तक ट्रांसफर नही हुवा जिसकी वजह से हर रेत चोर और माफिया चाहे वो लकड़ी चोर हो या रेत चोर उनकी मजबूत साथ गांठ है ऐसे कर्मचारी और अधिकारी जिनका कार्यकाल 3 वर्ष से अधिक हो गया है उनको ट्रांसफर कर देना चाहिए क्योंकि यह कर्मचारी जंगल कटवाकर कई लोगो को फर्जी रशिद बनाकर देकर भू अधिकार पत्र भी दिलवा चुके है और रोजाना ऐसा ही कारनामा करवा रहे है ।।