अलीराजपुर संवाददाता
अलीराजपुर जिले की जोबट विधानसभा में दो ऐसे निर्दलीय उम्मीदवार हैं।जिनको जनता करीब से जानती है पहला जिसने गरीब, विधवा , लूले, लंगड़े,अंधे और बेसहारा लोगो का मुफ्त आया गेहूं और चावल अपनी पुत्री के निजी वेयर हाउस में शासन के गेहूं और चावल सप्लायर के साथ मिलकर अपने गोदाम से आम जनता को दिया जाने वाला मोदी जी के सपने का अनाज जो जनता को फ्री दिया जाना था उस सपने को चुना लगाया और कई ट्रक अनाज स्प्लायर और अधिकारी और कर्मचारियों के मार्फत सूरत में आटा मिलो को जब पूरा जिला गहरी नींद में सो जाता था तब यह अनाज माफिया गैंग दबे पांव वेयर हाउस से गेहूं भरकर इन बड़ी बड़ी आटा मिलो को गेहूं चावल सप्लाय कर चुना लगाकर भारी मोटी रकम कमाई की जिससे आसपास की जमीन खरीदी और फैक्ट्रियों का निर्माण किया और उस दो नंबरी राशि को एक नंबर का बनाने के लिए नित नए प्रयोजन किए ।और दूसरा उम्मीदवार जिसने जोबट क्षेत्र की शासन की राजस्व की गिट्टी और मिट्टी दोनो ही खोद कर बेच दी और शासन द्वारा जारी सूची अनुसार पूरे 28 करोड़ के लगभग की राशि का बकाया भुगतान है जिसको इनके द्वारा आज तक नहींभरा जा रहा है जिससे राज्य शासन को भारी चुना लगाया जा चुका है ।जबकि जिला प्रशासन को इनके उम्मीदवारी पर भी रोक लगानी चाहिए थी जिला प्रशासन ने आपत्ति क्यों नही ली वही अनाज माफिया का सहयोगी और सहयोग करने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारियों से पूछताछ आज तक नही की ओर कोर्ट के आधार पर आज भी अनाज के अपराधी खुल्ले आम घूम रहे है उनके सहयोगी भी उम्मीदवार बनाकर चुनाव लडने की खुल्ली छूट दी जिससे कही ना कही जिला प्रशासन की मिली भगत की बु आ रही है । गेहूं चावल और गिट्टी और मिट्टी अवेध रूप से बेचकर खाने वाले लोगो को जनता क्या अपना जनप्रतिनिधि बनाएगी या इनके खिलाफ किसी शिक्षित और योग्य उम्मीदवार को वोट कर जनता इस बार अपना जन प्रतिनिधि चुनेगी नही तो यह अनाज और गिट्टी माफियाओं के हाथो जनता को ना बेच दे , आगे की खबर वॉइस ऑफ झाबुआ के अगले अंक में ।