शान ठाकुर, संवाददाता
झाबुआ – आरंभ है, प्रचंड है… के नारे के साथ पेटलावद विधानसभा में अपनी जीत का झंडा गाड़ने का दावा करने वाले मालू डामर ऐसे पलटे की अब उनके समर्थक कहने को मजबूर है कि मालू भाई ना तो आरंभ हुआ ना ही प्रचंड हुआ ना जाने आखिर ऐसा क्या हुआ….!!! हालांकि मालू भाई अब इन सारे जवाबों से भागते नजर आएंगे मीडिया के सामने आकर उन्होंने पार्टी के आलाकमान के आदेश को स्वीकार करना बताया है। लेकिन चौराहों पर आम चर्चा है कि हो ना हो कोई बड़ी डील तो हुई है। मालू भाई पिछले कई महीनो से क्षेत्र में घूम कर यह ढिंढोरा पीट रहे थे कि इस बार चाहे कुछ भी हो जाए हम चुनाव जीतेंगे कांग्रेस पार्टी हमें टिकट देना दे लेकिन निर्दलीय तो हम लड़कर ही मानेंगे। इस दावे के पीछे न जाने कितने अनजान सच्चे समर्थक दिन-रात मेहनत कर मालूम भाई को जीताने के सपने देख रहे थे, और मेहनत कर रहे थे। लेकिन कहते हैं राजनीति में सब जायज और वही कहावत मालू भाई ने सिद्ध कर दी। क्योंकि जब आपको आलाकमान के आदेश का पालन ही करना था तो फिर बागी होने का नाटक क्यों किया?? बीते कुछ घंटे पहले ही मालू भाई मीडिया से रूबरू होकर यह कहते हुए नजर आए थे कि मुझे बड़े-बड़े दिग्गज नेताओं के फोन आ रहे हैं और लालच भी दिया जा रहा है। लेकिन मैं तो चुनाव लड़ूंगा उसके बाद उन्हीं के द्वारा बनाए गए आरंभ है प्रचंड है, सोशल मीडिया पेज पर भी कई ऐसी पोस्ट डाली गई। जिससे साफ दर्शाया जा रहा था कि मालूम भाई चुनाव लड़ेंगे लेकिन कुछ घंटे बाद पूरा माजरा ही बदल गया और कांग्रेस प्रत्याशी के साथ मालू भाई तहसील कार्यालय पहुंच गए और देखते ही देखते उन्होंने नामांकन फॉर्म वापस ले लिया। इस दौरान जब मीडिया पूरे मामले को कवर कर रही थी तो मालू भाई कैमरे से मुंह छुपाते हुए नजर आए और धीरे से कहने लगे कि यह कैमरा बंद करवाओ वीडियो बन रहा है…!! हालांकि जो होना था अब हो गया…! पेटलावद विधानसभा क्षेत्र में कुल 8 प्रत्याशी अब चुनाव मैदान में होंगे, जिससे मालू भाई पूरी तरह से बाहर है, अब वह कांग्रेस प्रत्याशी वालसिंह मेड़ा का समर्थन करेंगे या फिर नए अवसर का इंतजार करेंगे यह देखना होगा। कुल मिलाकर पेटलावद विधानसभा चुनाव में अब सीधी टक्कर भाजपा की निर्मला भूरिया और कांग्रेस के वालसिंह मेड़ा में देखने को मिलेगी।