बच्चे शिक्षा से हो रहे वंचित समय पर विद्यालय खोलने में असमर्थ दिखाई दे रहे शिक्षक
मामा कैसे बच्चे पढ़ लिखकर आगे बढ़ पाएंगे
इन शिक्षकों को किसी का डर नहीं अपनी मर्जी से खोलते हैं विद्यालय और करते हैं अपनी मनमानी

लक्की राठौड़ बरवेट
मामा यह क्या हो रहा है शिक्षा को आप इतनी अहमियत देते दिखाई दे रहे हैं परंतु बरवेट हाई सेकेंडरी शाला जिले में अलग छाप छोड़ रहा है यहां अनियमितताओं की जितनी बात की जाए उतनी कम हे यहां के अध्यापक और शिक्षक अपनी मनमानी से हाई सेकेंडरी स्कूल संचालित कर रहे हैं उनकी मर्जी होती है तब यह स्कूल खुलता हैं और उनकी मर्जी होती है तब स्कूल बंद होती हैं जानकारी अनुसार आज हाई सेकेंडरी स्कूल बरवेट जहां पर विद्यार्थी समय पर स्कूल पहुंच जाते हैं परंतु स्कूल खुलता ही नहीं है नहीं प्राचार्य नहीं अध्यापक समय पर पहुंचते हैं और ना ही स्कूल समय पर खुल पाती है किस प्रकार से चलेगा यह शिक्षा का अंधा खेल तभी माता पिता अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भर्ती नहीं करवाना चाहते क्योंकि सरकारी स्कूलों में प्राचार्य और अध्यापकों की मनमानी से बच्चों का भविष्य खराब होते दिखता है खबर प्रकाशित होने तक नहीं विद्यालय खुला ना ही शिक्षक और अध्यापक वहां पहुंचे l
अगले अंक में पढ़िए किस प्रकार से शिक्षक को फलित लगाते अध्यापक और अधिकारी