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ग्राम पंचायत पीठड़ी में रोजगार सहायक ने अपने जिगरी यार कियोस्क संचालक के साथ मिलकर गरीब आदिवासी को लूटा – धोखाधड़ी से बुजुर्ग का अंगूठा लगवा कर हड़प ली प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि…ओर खाते से निकाली बचत राशि भी – पीड़ित ने पुलिस ओर प्रशासन को दिया आवेदन… लगाई न्याय की गुहार

ग्राम पंचायत पीठड़ी में रोजगार सहायक ने अपने जिगरी यार कियोस्क संचालक के साथ मिलकर गरीब आदिवासी को लूटा –

धोखाधड़ी से बुजुर्ग का अंगूठा लगवा कर हड़प ली प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि…ओर खाते से निकाली बचत राशि भी –

पीड़ित ने पुलिस ओर प्रशासन को दिया आवेदन… लगाई न्याय की गुहार –

उड़ता तीर 🏹- सुनील खोड़े

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पेटलावद । देश में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत गरीब परिवारों को आवास देने हेतु सरकार लगातार कार्य कर रही है….ताकि गरीब से गरीब व्यक्ति को आवास नसीब हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश में कोई भी व्यक्ति गरीब ना रहे और बिना घर के ना रहे…. जिस हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत अभियान के रूप में कार्य किया जा रहा है। किंतु प्रधानमंत्री के सपने को को पलीता लगाने का काम झाबुआ जिले की ग्राम पंचायत पीठड़ी का रोजगार सहायक रतनसिंह निनामा कर रहा है…. जो कि गरीबों के आवास बनवाना तो दूर गरीब आदिवासियों की आवास राशि को ही हड़प रहा है…. और भोले-भाले आदिवासियों का शोषण कर रहा है। 

ऐसे हुआ मामले का खुलासा –

मामला इस प्रकार है कि ग्राम पंचायत पीठड़ी में निवास करने वाले बुजुर्ग बालू पिता मन्ना गामड़ द्वारा जिला पंचायत सीईओ, पेटलावद एसडीएम एवं रायपुरिया पुलिस थाने पर एक शिकायती आवेदन सौंपकर अपने साथ हुई घटना की आपबीती बताई है…. जिसमें बुजुर्गों द्वारा बताया गया कि मेरे खाते से प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आई 25000 रुपये की राशि एवं खाते में रखे 2000 हजार रुपये धोखाधड़ी से मेरा अंगूठा लगवा कर रोजगार सहायक रतनसिंह निनामा एवं उसके सहयोगी किओस्क संचालक मडिया मेड़ा द्वारा निकाल लिए गए हैं। बुजुर्ग ने बताया कि मेरा बचत खाता नर्मदा झाबुआ क्षेत्रीय बैंक में संचालित है, उक्त खाते में दिनांक 08 जून को प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्त जमा हुई थी। उसके बाद रोजगार सहायक रतनसिंह निनामा द्वारा उसके सहयोगी मड़िया को मेरे पास 16 जून को भेजा और कहा कि आपका आधार कार्ड लाओ आपके खाते में प्रधानमंत्री आवास की राशि जमा हुई है, या नहीं चेक करना है। इन लोगों ने मुझे पंचायत भवन में बुलवाया और धोखाधड़ी से मेरा अंगूठा लगवा कर 10000 हजार रुपये की राशि दिनांक 16 जून को दो बार कर कुल 20000 हजार रुपये निकाल लिए। उस दिन उनके द्वारा कहा गया कि तुम्हारे खाते में अभी तक राशि नहीं आई है, एवं दिनांक 28 जून को फिर पंचायत भवन में बुलाया और समग्र केवाईसी करवाने के बहाने उस दिन मेरा अंगूठा लगवा कर फर्जी तरीके से 7000 हजार रुपये फिर निकाल लिए। मेरे द्वारा रोजगार सहायक को पूछने पर मुझे बताया कि आपके खाते में राशि अभी तक नहीं आई है। पूरे मामले की जानकारी तब मुझे लगी जब मेरे द्वारा बैंक जाकर पासबुक एंट्री करवाई गई तो मालूम हुआ कि उक्त दिनांक में मेरे खाते से रोजगार सहायक एवं उसके सहयोगी कीओस्क संचालक मड़िया मेड़ा द्वारा कुल 27000 रुपये धोखाधड़ी कर निकाल लिए हैं। मडिया मेड़ा जोकि पंचायत में रोज बैठता है और वही से कीओस्क संचालन करता है,रोजगार सहायक ओर कीओस्क संचालक दोनों एक ही गांव के निवासी है इसी तरह आए दिन लोगों के साथ धोखाधड़ी कर गरीब आदिवासियों का यह लोग शोषण कर रहे हैं। बुजुर्ग बालू ने बताया कि मेरे द्वारा पंचायत भवन के अलावा और कहीं पर भी अंगूठा नहीं लगाया गया है, जिससे कि मेरी राशि और कोई निकाल सके मेरे द्वारा सिर्फ पंचायत भवन पर ही रोजगार सहायक के कहने पर अंगूठा लगाया गया था ऐसे में रोजगार सहायक ने मेरे अनपढ़ होने का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करते हुए खाते से रुपए निकाल लिए। रोजगार सहायक इसी तरह यहां के और भी लोगों के साथ धोखाधड़ी करते आ रहा है, किंतु अशिक्षित होने के कारण लोग रोजगार सहायक की शिकायत नहीं कर पाते हैं। जिस का भरपूर फायदा उठाकर रोजगार सहायक लोगों का शोषण कर रहा है। 

आज भी गरीब कच्ची झोपड़ी में रहने को मजबूर —

मामले में जब हमारी टीम के द्वारा मौके पर जाकर देखा गया तो वाकई गरीब आदिवासी के साथ शोषण करने का मामला सामने आया है.. क्योंकि आज भी गरीब कच्ची झोपड़ी में रह रहा है। किंतु प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत किया जा रहा निर्माण अधूरा है, क्योंकि रोजगार सहायक ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि को हड़प कर लिया। ऐसे में गरीब पक्के मकान से वंचित है। 

सरपंच-सचिव ने कहा दोषी के खिलाफ हो कार्यवाई –

हमारे द्वारा ग्राम पंचायत सरपंच एवं पंचायत सचिव से भी चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि हमारे पास भी यह शिकायत आई है। अगर रोजगार सहायक दोषी है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।

जब हमारी टीम द्वारा रोजगार सहायक रतनसिंह से चर्चा करना चाही तो वह पूरे मामले में अपने आप को दूध का धुला साबित करते रहा और अधिकारियों को ठेंगा दिखाते हुए कहा कि आज तक कौन सी कार्रवाई हुई है, जो मेरी कार्रवाई हो जाएगी। कार्रवाई करवा सको तो करवा लेना। वही रोजगार सहायक के सहयोगी कियोस्क संचालक मडिया से जब मामले में बात की गई तो मड़िया भी गोलमोल जवाब देते नजर आया।

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