
झाबुआ। आज पिटोल पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले गांवों में पेसा एक्ट के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समिति के सदस्यों को पेसा एक्ट के झाबुआ ब्लॉक समन्वयक मानसिंह बारिया ने समिति के सदस्यों को समझाते हुए कहा कि अपने जिले में सभी गांवों में पेसा एक्ट लागू है और पेसा कानून से आदिवासी समाज को अनेक प्रकार के अधिकार दिए गए हैं जिसमे अपने गांव का झगड़ा गांव में निपटा सकते हैं उसमे पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा अगर गांव में निपटारा नही करते हैं तो थाने से कोर्ट तक दौड़ना पड़ता है उससे अपना आदिवासी समाज के लोगों को आर्थिक रूप से बहुत नुकसान होता है जिसके कारण आदिवासी समाज में विकास नहीं हो पा रहा है इसलिए आप सभी सदस्य अपने गांव में छोटे छोटे विवाद का निपटारा अपने गांव में करे जो गंभीर अपराध की श्रेणी में ना आते हों।
इस पर सभी सदस्यों ने कहा कि *हाव हम्मू कट नि जाई थाने ने कोर्ट मा हाव गांव मा नि लड़ाई गांव मा निपटारो करवाना छे* इस प्रकार से आदिवासी समाज में पेसा एक्ट एक एक वरदान के रूप में साबित होगा।
इस अवसर पर पिटोल पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले सभी गावों के शांति एवं विवाद निवारण समिति के सदस्य व पुलिस चौकी के एएसआई शैलेंद्र शुक्ल व सभी पुलिस स्टॉफ व पेसा एक्ट मोबिलाइजर्स कमेश, शंभू सिंह, चतरसिंह, विकास, मन्नु सिंह गुड़िया, मधु आदि उपस्थित थे।
मानसिंह बारिया
(पेसा एक्ट) ब्लॉक समन्वयक झाबुआ