
झाबुआ। आओ पता लगाएं… कौन है वो आदिवासियों के नाम पर अपनी रोटियां सेकने वाला… जो इंदौरी गैर आदिवासी अधिकारी के चरणवंदन कर आदिवासी जिले जिले के आदिवासी सहायक आयुक्तो को लक्ष्मी यंत्रों के चक्कर में खुब पेरशान कर रिया है… तो आओ पता लगाएं कौन है वो चटरगुल्ला जो आदिवासियों नाम पर अपनी रोटियां सेक रिया है…. सुनने में आया है कि एक बार कलसिंह भाबर ने इसकी लु गालियां देकर उतारी है… भाजपायों में चर्चा है कि उतारे भी क्यों नही… अब उनके क्षेत्र में ये चटरगुल्ला हस्तक्षेप करें तो कहा तक उचित है… भाजपाईयों में चर्चा है कि आदिवासियों के नाम पर रोटियां सेकने वाले इस चटरगुल्ले की कलसिंह ने ऐसी लु उतारी थी कि मामा ने भी इस हस्तक्षेप को उचित नही समझा और कलसिंह की बात समझी… जब सहायक आयुक्त साहब लु लाईन में थे… तब इस चटरगुल्ले ने उपचुनाव में 50 लाख लक्ष्मी यंत्रों की मांग की थी… साहब लुप लाईन में और 50 लाख लक्ष्मी यंत्र कैसे लायेगे…ऐसे में उस समय से इसने उन्हे टारगेट बनाया लिया… और सहायक आयुक्त साहब को भ्रष्ट करने लगा… अब भ्रष्ट तो कौन है ये सब जानते है… और भ्रष्ट करने की वजह से ही कलसिंह ने लु उतारी थी… ऐसे कई अधिकारी है जो इस चटरगुल्ले से परेशान…. अपने आप को आदिवासी कहने वाला… ये चटरगुल्ला एक गैर आदिवासी इंदौरी अधिकारी के चरणवंदन करता है और इसके कहने पर ये अधिकारी सहायक आयुक्त को पेरशान करता है… प्रशांत आर्य भी इनके भ्रष्टाचार की भेंट चढा, अगस्त सितम्बर माह में इस चटर गुल्ले के साथ मिल इस अधिकारी ने 40 से 50 लाख रूपयें की वसुली झाबुआ जिले के सभी अधीक्षको, बीईओ, प्राचार्यो से की थी… जनचर्चा है कुछ समय पहले झाबुआ ने फर्जी पत्रकारों को अवैध वसुली करते पकडा गया था… जिनके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ था… उन्होने इस अधिकारी का नाम अपने बयान में लिया था… अब ये चटरगुल्ला अपने ही क्षेत्र के कुन्बे में ज्ञान पैल रिया था… वो वहां के समाज के युवाओं ने इसको जमकर खरी खोटी सुनाई… और कहा जैसे तैसे हमारे कबीले एक हो रहे है अब हमारा समाज आगे बढ रहा है और तु आपस में लडाई करवाने मांग रिया है… खुद के क्षेत्र में भी इसको यूवाओं ने खरी-खोटी सुनाई और इसको और इसकों उल्टे पैर लौटना पडा था… तो भियां इस चटरगुल्ले की करतुतों की कहानियां तो बहुत है… पर पता नही चल रहा है कौन है ये…? तो आओ हम सब मिल कर पता लगातें है कौन से ये आदिवासियों के नाम पर रोटियां सेकने वाला चटरगुल्ला…! आपको पता चले तो हमें बताना… हमें पता चलेगा तो हम आपकों बतायेंगे… तो चलों हम सब मिल कर पता लगाते है… कौन है ये चटरगुल्ला…?
नोट- इसे कोई अपने उपर ना ले..! ये सब पता लगा रहे है कौन है ये व्यक्ति? ये जिले भर की आम चर्चा है।