
दिलीप सिंह भूरिया
आजाद नगर भाभरा प्रशासनिक कार्यालय से मात्र 1 से डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम कलियावाव की सड़क बीते एक दशक से इसका निर्माण नही हुवा जिनकी यह सड़क टांडा बोरी उदयगढ़,भाभरा और कठ्ठीवाडा साजनपुर होते हुवे गुजरात छोटा उदयपुर होते हुवे बड़ौदा अहमदाबाद जाति है इस मुख्य सड़क से जुड़ी यह सड़क आज तक नही बनी और ना किसी ने इसको पक्की बनाने की कोशिश की है ।क्षेत्र की विधायक ग्राम कालीयावाव में प्रधानमंत्री आवास का उद्घाटन करने इसी सड़क से गई थी और उनको झटके इसी लिए नही लगे की उनके पास महंगी गाड़ी थी जिसमे बैठकर वह मकान के प्रवेश कार्यक्रम में गई थी । इस कच्ची सड़क की दुर्दशा देखकर नेता सांसद विधायक और जनप्रतिनिधि और कुर्ता छाप नेता पर बड़ी दया आती है क्योंकि उनको शर्म नही आती ।आदिवासी अंचलों में ऐसे कई ग्राम है जहा आज भी मूलभूत सुविधाओ की कमी है जिनमे सड़के बिजली पानी और शिक्षा स्वास्थ्य जेसी सुविधाए प्रमुख है ।जिले के प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ नेताओ के कार्यक्रमों और राजनेतिक पार्टियों की यात्राओं में व्यस्त है और मस्त है ।उनको आदिवासी ग्रामीणों को क्या परेशानी है इसकी जानकारी और जिन सड़को का निर्माण करवाना अनिवार्य है उनके निर्माण की किसी भी प्रकार से चिंता ही नही है ।क्योंकि इनको पता ही नही है की कोन सी सड़क कच्ची है और कई वर्षो से वह पक्की नहीं बनी है ।और प्रदेश के मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश की सड़को को अमेरिका की।सड़को से बेहतर सड़के है ऐसा बड़े बड़े राजनेतिक मंचो से बोलते है लेकिन जब धरातल पर कोई भी देखने को जाता है तो उस जगह बस कच्ची सड़के ही नही मिलती ही जिसके कारण आदिवासी ग्रामीण लोग कीचड़ वाली सड़क ही हमेशा उपयोग करते है ।इस सड़क की लंबाई लगभग 5 किलोमीटर है जिसके कारण इसका निर्माण आरईएस को करवाना चाहिए ।लेकिन वह भी भाग जाता है ।