योगेश गवरी

सरदारपुर थाना क्षेत्र की रिंगनोद पुलिस चौकी पर प्रधान आरक्षक द्वारा ग्रामीण से अपहरण और अन्य धारा के केस के आरोपितों से राजीनामा करने और झूठे केस में फंसा कर जेल भेजने की धमकी देते हुए 15 हजार रूपए की मांग की थी जिसको लेकर पीड़ित द्वारा धार पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह को लिखित आवेदन दिया साथ ही प्रधान आरक्षक द्वारा रुपए लेते हुए फोटो और वीडियो भी सौंपा जिस पर एसपी आदित्य प्रताप सिंह द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक कमलसिंह डामोर को निलंबित किया है साथ ही रिंगनोद पुलिस चौकी प्रभारी विजय वास्कले को भी हटाया गया मामले में ग्रामीण पीड़ित रूपाजी मछार जाति भील उम्र 55 वर्ष द्वारा धार पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में बताया कि मेरी नातिन को रिंगनोद निवासी काना सीरवी भगा ले गया था जिस पर पुलिस द्वारा मामले में आरोपित और उसके परिजनों पर कार्रवाई की थी कुछ दिन बाद ही आरोपीत विनोद की मां द्वारा मेरे विरुद्ध झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई जिसको लेकर रिंगनोद चौकी के प्रधान आरक्षक कमल डामोर द्वारा लगातार आरोपितों से राजीनामा करने का दबाव और पीड़ित के आवेदन पर प्रकरण दर्ज करने और जेल भेजने की धमकी देते हुए 15 हजार रूपए की रिश्वत की मांग की थी पीड़ित द्वारा मामले में प्रधान आरक्षक को रुपए देते हुए वीडियो भी बना लिया जिसके बाद पीड़ित रूपाजी द्वारा धार पुलिस अधीक्षक को आवेदन सहित वीडियो,फोटो देकर कार्रवाई की मांग की थी।
इनका कहना
रिंगनोद चौकी के प्रधान आरक्षक द्वारा रुपए मांगने के मामले में प्रधान आरक्षक कमल डामोर को निलंबित किया है साथ ही चौकी प्रभारी विजय वास्केल को भी हटाया गया है।
आदित्य प्रताप सिंह
पुलिस अधीक्षक धार