भियां सभी को राम राम… लो भियां मैं फिर आ गिया कही-अनकही के साथ….भियां नरक पालिका के चुनाव हो गिये…और सब अपनी काली कमाई से कोई अध्यक्ष बनने मांग रिया तो कोई उपाध्यक्ष…पर भियां कमलगट्टे ध्यान रखों…पिछली नरक पालिका में रहते हुए किसने क्या किया….ये देख लियो….अब बात करें हवस के प्रेमी की तो एक वार्ड मुखिया से इसको प्यार हो गिया तो दादा बनने की उम्र में पापा बन गिया…और एक बार अध्यक्ष बनने मांग रिया है और फिर वार्ड कि किसी मुखिया पर इसकी नजर रहेगी और चोथी बार अपनी प्रेम की हवस मिटायेगा…और चौथी पत्नी के रूप में नगर का विकास तो नही खुद का जरूर विकास कर लेगा…भियां नरक पालिका तो यहां थी मगर कार्यालय चलता था राजगढ नाके…जहां जनता का कोई काम तो नही होता था…मगर उसके पहले पीछे के रास्ते छात्रावास में घुसने वाले काले भाईसाब को धोक जरूर देना पडता था….स्लाटर हाउस के नाम पर काला गोरा किया और 3 साल के बच्चे के नाम पर दुकान दे डाली….भियां और भी भोत कुछ है वो बाद में बिताउंगा…..भियां अस्तित्व तलाशते काले भाईसाब तो चाहते है कि हवस का प्रेमी अध्यक्ष बन जाये और एक बार फिर से वसुली चालु हो जाये….राम….और माता के नाम पर इन्होने हवस के प्रेमी के रहते खुब वसुली का चंदा इकट्ठा किया…..अब भियां बात करें उपाध्यक्ष बनने की तो भियां ये पता नी चल रिया है कि पैसों के दम पर अभी कोई उपाध्यक्ष बनने की दावेदारी कर रिया है.. ये बात अपन बाद में करेंगे…।
पेले बात करते है झुला चकरी वाले कि… भियां झुला चकरी वाला भी कुछ कम नी है….ये भी नरक पालिका में रेते झुला चकरी और दुकानें बेच खाया… ये भी अध्यक्ष बनने मांग रिया है….और इसके आस पास घुमने वाले चटरगुल्ले अभी से खुरापाती करने लगे….इसके चुनाव संचालक अन्ना का विवाद हो गिया….मगर विवाद में रोचकता रसभरी की देखने को मिली….अन्ना और रसभरी की प्रेम कहानी.. जो किस तरह से अन्ना के आगे ही आगे आ रही थी… अन्ना को भी शर्म आनी चाहिए… इस रस भरी ने गैस पर रेते खुब आतंक मचाया था और अब झुला चकरी वाले के बनने पर फिर आतंक मचायेगी और अन्ना सबसे विवाद करेंगा… झुले चकरी वाले ने भी कोई विकास नी किया… इसके घर कोई मतदाता जाता था तो इसके माता पिता भगा देते है… और अब तो दो चटरगुल्ले है तो ऐसी दलाली करेंगे और मतदाताओं पर रोब झाडेगे की पुछोईज मत… और गाली देकर तो इससे बात तो होती नी है… बाकि बाद में… अब जा रिया हुं... लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं… भियां कमल गटटों… इन दोनों को अध्यक्ष बनाया तो समझों नरक पालिका की लुटिया डुबी… और फिर कमलगटटों पर जनता थुकेगी… इसलिए एक अच्छे अध्यक्ष के दावेदार का चयन करों जो नरक पालिका का विकास कर सके… अपना नही… और भी भोत कुछ है वो अगले अंक में बिताउंगा… अब जा रिया…! जय राम जी की…!