
परिवेश पटेल
माही परियोजना में डूब में गई कृषि भूमि मुआवजे के लिए एक वृद्ध किसान पिछले 6 वर्षों से दफ्तरों के चक्कर काटने को विवश है लगातार शिकायतों के बाद जिम्मेदार अधिकारी ध्यान देने को भी तैयार नहीं है, जब लगातार शिकायत हुई तो मुआवजा पत्रक बनाने वाले दल ने यह पाया की राशि अधिक भुगतान हो गई ।
ऐसा ही एक मामला झकनावदा का है जिसमें एक खातेदार की एक हेक्टर कृषि भूमि डूब में जाने से मौजा सभी हिस्सेदारों में दिया जाना था लेकिन सांठगांठ के चलते उक्त मुआवजा मात्र दो खातेदारों में दे दिया गया.।उक्त मुआवजे की राशी 22 लाख 84364 स्वीकृत होते ही अन्य खातेदारों ने आपति लगाते हुए अधिकारी को चेताया था लेकिन जिम्मेदारों ने तब ध्यान नहीं दिया ।
मुआवजे की राशि को लेकर हीरालाल चोयल कि लंबी लड़ाई के चलते जब जांच दल ने मौका देखा तो यह पाया जो मुआवजा राशि दी गई । वह ज्यादा दे दी गई, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं भू अर्जन अधिकारी पेटलावद के कार्यालय पत्र क्रमांक 948 दिनांक 3 अप्रैल 2021 को नायब तहसीलदार उप तहसील झकनावदा को निर्देश करते हुए राशि ₹720000 वसूली हेतु पत्र लिखा गया था किंतु ना तो आज तक उस राशि वसूल की गई और ना ही जिन खेत खातेदारों को यह राशि मिलनी थी उनके खाते में राशि आए ।
क्या है मामला
झकनावदा के पटवारी हल्का 41 ने नन्दाजी चोयल की खाता क्र.233 सर्वे नंबर 238 रकबा 5.32 हैक्टेयर जमीन थी उक्त सर्वे नंबर में से एक हैक्टेयर भूमि डूब में जाने से मुआवजा 22 लाख 84362 रुपये स्वीकृत किया गया था । नंदाजी की मृत्यु के बाद उक्त भूमि पुत्र हीरालाल, मोतीलाल, भूरालाल पुत्री रमाबाई के साथ पत्नी केसरबाई के नाम बंटवारा हुआ था लेकिन जब राशि देना थी तब अधिकारियों ने सांठगांठ करते हुए चार भाई दोनों को छोड़कर मृतक के पुत्र भूरालाल एवं पत्नी केसरबाई को ही मुआवजा राशि दी गई । उसमें रकबा 0.30 की मुआवजा राशि ₹720000 अधिक प्रदान कर दी गई है आप सबसे बड़ा सवाल यह है कि राशि तय करना किसकी जिम्मेदारी है , क्योकी अपनी भूमि काआंकलन कर सकता है जिन्होंने गड़बड़ी कर राशी ज्यादा भुगतान करवा दिया हिरालाल चोयल ने अवगत कलेक्टर रजनीसिंह से मांग की है इस मामले में हमें न्याय दिलवाया जाए।