झाबुआ ओमप्रकाश राठौर
कल्याणपुरा थाना में पदस्थ स्टाफ पिछले कुछ समय से अपने क्रियाकलापों को लेकर खासा चर्चा में बना हुआ है। थाने में तैनात स्टाफ की हठधर्मिता के ही कारण पुलिस कप्तान तक को न्यायालय के सामने उपस्थित होकर नतमस्तक होने जैसी स्थिति झेलनी पड़ी थी। कल्याणपुरा थाने में पुलिस अमला इतना शातिर है कि येनकेन प्रकारेण की राजनीति कर अंगद की तरह जमा हुआ है। स्थानांतरण के बाद भी कई पुलिस कर्मियों का कल्याणपुरा मोह नही छुट रहा है।कुछ ऐसा ही मामला वर्तमान में कल्याणपुरा थाने पर जमे प्रधान आरक्षक ज्ञान बहादूर सिंह का। जानकारी अनुसार प्रधान आरक्षक साहब को कोई इस वर्ष फरवरी माह में पेटलावद स्थानांतरित कर दिया गया है। आदेश क्रमांक 1433 का पालन करते हुए प्रधान आरक्षक को जाना तो पेटलावद था किंतु चले गए आदेश के विपरित पुलिस अधीक्षक के पास और पत्नि के स्वास्थ्य, पारिवारिक समस्या को लेकर ऐसा गिड़गिड़ाए की साहब का मन पसीज गया। प्रधान आरक्षक अपने कप्तान से कल्याणपुरा थाने पर जमे रहने हेतु आगामी छः माह की वैधता बढ़वाने में सफल हो गए। किंतु उक्त छः माह लगभग अवधि अब समाप्त हो चुकी है।बाजार में चल रही चर्चा की माने तो छः माह तक उक्त प्रधान आरक्षक ने एड़ी-चोटी का जोर लगाकर स्थानान्तरण आदेश निरस्त के प्रयास कर लिये और प्रधान आरक्षक का मोह भी कल्याणपुरा से नही छुट रहा। यही कारण है कि छः माह बाद भी कल्याणपुरा में जमें हुए है। गांव में चर्चा तो यह भी है प्रधान आरक्षक की पारिवारिक समस्या का निदान छः माह में भी नही तो पत्नि भी छः माह में पूर्णतः स्वस्थ नही हो सकी।
एसडीओपी सोनु डावर
मुझे इसकी जानकारी नही है आपके माध्यम से पता चला है मै दिखवाती हु