कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा से हर कांग्रेसी को जोड़ते हुए एकजुट होने की बात करते हुए आगामी चुनावों में मजबूती होने का दावा करते हुए यात्रा निकाल रही हैं,परंतु राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर कांग्रेस खत्म होने के साथ धरातल पर भी कही भी देखने को नही मिल रही है,वही जिले के दबंग कहलाने वाले कांग्रेसी नेता भी चुनावी माहौल में खोखले नजर आ रहे हे।ऐसे में कांग्रेस का विधानसभा ओर लोकसभा चुनाव जीतना कैसे संभव हो पायेगा?ये तो कांग्रेसी ही जाने….
कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी कर रहा बागी का प्रचार….
झाबुआ जिले में इस समय चुनावी माहौल देखने को मिल रहा हे वही चुनावी सफ़र में हर उम्मीदवार घर घर तक जाकर मतदाता को अपने पक्ष में मतदान करने का प्रचार प्रसार करता है के साथ भविष्य में जितने के बाद हर संभव मदद का भी प्रलोभन देता है,एक चलन हे की तेरी तो धूल नही रही है मेरी क्या धोएगा वाली बात पेटलावद के एक वार्ड में देखने को मिल रही है,मामला वार्ड छः के निर्दलीय बागी प्रत्याशी शंकर राठौड़ अपने प्रचार प्रसार पर निकले तो साथ मे ही वार्ड 9 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी चंद्र शेखर राठौड़ अपना वार्ड छोड़ते हुए निर्दलीय बागी प्रत्याशी का प्रचार प्रसार करने में लगे हुए,वही कांग्रेसी प्रत्याशी चंद्र शेखर राठौड़ की खुद के वार्ड में नही धुलते हुए दूसरे वार्ड में जाकर निर्दलीय प्रत्याशी की धोने का प्रयास कर रहे हे ऐसे में तो यही साबित होता हे की कांग्रेसी चंद्र शेखर की तो धूल नही रही और दूसरे वार्डो में धोने का प्रयास प्रचार प्रसार के माध्यम से कर रहा हे।
पेटलावद भाजपाई को कांग्रेसी राठौड़ से सीखना चाहिए?
पेटलावद में आज की स्थिति के चलते चुनावी माहौल कही गड़बड़ तो कही भारी प्रत्याशी पर हल्का प्रत्याशी मार देता हुआ दिखाई दे रहा है,वही टुकड़े में बंटी भारतीय जनता पार्टी खुद अंदरूनी रूप से भाजपा को कमजोर करने में कार्य करते हुए विरोधियों को मजबूत करते हुए अपने पक्ष का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की पैनल के लिए दांव पेंच रखना चालू कर दिया है,गुटबाजी की भेंट चढ़ी भाजपाई नेताओ को कांग्रेसी पार्षद प्रत्याशी से सीखते हुए भाजपाई बागी को जिताने के लिए अपना वार्ड दांव लगाते हुए बागी का समर्थन कर रहा हे वही खुद भाजपाई प्रत्याशी और भाजपाई नेता अधिकृत प्रत्याशी को निपटाने में तुले हुए है…..