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आलीराजपुर जिले के आख़िरी भगोरिया में संस्कृति और सियासत का संगम नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार झूमे ढोल-मांदल की थाप पर, हजारों की मौजूदगी में कांग्रेस का भव्य गैर

आलीराजपुर। आदिवासी अंचल का विश्वप्रसिद्ध भगोरिया पर्व इस वर्ष जिले के आख़िरी और सबसे बहुप्रतीक्षित आयोजन के रूप में ऐतिहासिक बन गया। सांस्कृतिक वैभव और सियासी संदेशों के अद्भुत संगम ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। कांग्रेस द्वारा आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नगरपालिका से टाकीज चौराहे तक भव्य गैर निकाला गया, जिसमें हजारों ग्रामीणजन, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। ढोल-मांदल की गूंज, पारंपरिक वेशभूषा और उत्साह से लबरेज नृत्य दलों ने पूरे शहर को उत्सवमय बना दिया। जिले के अंतिम भगोरिया होने के कारण लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार स्वयं ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। उन्होंने ‘कुर्राटी’ मारते हुए आदिवासी संस्कृति का उल्लासपूर्वक स्वागत किया। जनसमूह ने तालियों और नारों से उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल,एवं जोबट विधायक सेना महेश पटेल, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल सहित अनेक वरिष्ठ नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

उमंग सिंघार ने कहा 

भगोरिया केवल पर्व नहीं, यह आदिवासी समाज की अस्मिता, स्वाभिमान और परंपरा का प्रतीक है। जिले के अंतिम भगोरिया में इतनी बड़ी भागीदारी यह साबित करती है कि हमारी संस्कृति आज भी जीवंत और मजबूत है।”उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के विकास और अधिकारों की रक्षा को कांग्रेस की प्राथमिकता बताते हुए प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाए। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए उमंग सिंघार ने कहा—आदिवासियों के बीच आकर क्या वे आदिवासियों की ‘औकात’ देखने आए हैं या आदिवासियो से माफी मांगने?”उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा 

जिले के आख़िरी भगोरिया में उमड़ा यह जनसैलाब बताता है कि आदिवासी समाज अपनी संस्कृति को लेकर कितना सजग और गर्वित है। यह पर्व हमें एकता, भाईचारे और परंपराओं के संरक्षण का संदेश देता है। आने वाली पीढ़ियों तक इस धरोहर को सुरक्षित रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।” उन्होंने प्रतिपक्ष नेता उमंग सिंघार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणजनों का आभार व्यक्त करते हुए भगोरिया एवं होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

विधायक सेना महेश पटेल का बयान 

जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा—हमारे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी आज हमारे जिले के अंतिम भगोरिया में शामिल हुए, इसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करती हूँ। साथ ही जिले की जनता का भी धन्यवाद, जिन्होंने इतनी बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस भगोरिया को ऐतिहासिक बना दिया। आप सभी के उत्साह और सहभागिता ने हमारी संस्कृति की शक्ति को प्रदर्शित किया है।”

ऐतिहासिक बना जिले का अंतिम भगोरिया

जिले के आख़िरी भगोरिया ने यह साबित कर दिया कि जब परंपरा, संस्कृति और जनभावनाएं एक साथ आती हैं तो वह आयोजन इतिहास बन जाता है। ढोल-मांदल की गूंज, रंग-बिरंगे नृत्य और नेताओं की सहभागिता ने इस पर्व को अविस्मरणीय बना दिया। आलीराजपुर का यह अंतिम भगोरिया संस्कृति, एकता और सशक्त सामाजिक संदेश का प्रतीक बनकर उभरा।

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