संवाददाता-सुनील खोड़े
——————————–
झाबुआ – पेटलावद जनपद क्षेत्र अंतर्गत लगातार मशीनों से किए जा रहे तालाब निर्माण कार्यो की खबरें मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित की है। पंचायत स्तर पर सरपंच-सचिव अपनी मनमानी से ग्रामीणों के हक पर डाका डालकर मशीनों से निर्माण कार्य करवाते हुए नजर आए हैं। मीडिया के द्वारा लगातार खबरें प्रकाशित करने के बाद भी क्षेत्र में कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली और इन्हीं सब कारणों के चलते भ्रष्टाचार करते बिल्कुल भी नहीं घबराते हैं।
ताजा मामला पेटलावद जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत गामड़ी से सामने आया है। जहां ग्राम नवापाड़ा में वर्ष 2023-24 अंतर्गत एक तालाब का निर्माण किया गया है। जिसकी कुछ राशि भी निकाल ली गई है। उक्त तालाब का निर्माण मशीनों के माध्यम से किया गया है। जल्दबाजी और रात के अंधेरे में बनाए गए। इस तालाब की खासियत यह है कि यह मौसम की पहली और हल्की बारिश को भी नहीं झेल पाया। थोड़ी ही बारिश में इस तालाब ने अपना दम तोड़ दिया। उक्त तालाब निर्माण कार्य पंचायत सचिव और सरपंच की मनमानी पूर्वक बनाया गया है। दोनों ने मिलकर भ्रष्टाचार का ऐसा इतिहास रचा की झाबुआ जिले में तालाब फूटने के मामले में गामड़ी पंचायत इस बार पहले नंबर पर है। ग्रामीणों के द्वारा पूर्व में भी ग्राम पंचायत की शिकायत की गई है। किंतु जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से हमेशा पीछे रहे। जिस वजह से सचिव की मनमानी पूर्वक भ्रष्टाचार की नदियां बह रहा है।
अगले अंक में हम आपको बताएंगे कि किस तरह जेसीबी से रात के अंधेरे में उक्त तालाब का निर्माण कार्य किया गया था। ओर इंजीनियर कैसे देता है सरंक्षण। कमीशन खोर इंजीनियर की पूरी मिली भगत। हमारे पास वह वीडियो/फोटो उपलब्ध है। जब रात के अंधेरे में तालाब निर्माण कार्य किया गया और किस तरह सचिव ईश्वर और सरपंच ने अपनी मनमानी की थी।