सुरेश परिहार सारंगी।
इस वर्ष का अंतिम सोमवार ओर आज 30 दिसंबर है और अमावस्या है जिसे आज सोमवती अमावस्या के रूप में मनाई जा रही है। सोमवती अमावस्या पर्व पर तिर्थ स्थल पर स्नान,दान व पुजन पाठ का महत्व है और सुबह से ही ओंकारेश्वर महादेव मंदिर पर श्रद्धांलुओं की व पिपल वृक्ष के आस -पास भीड़ देखने को मिल रही है। कहते हैं इस दिन जो कोई तिर्थ स्थान पर स्नान ध्यान और पूजा पाठ करता है उसे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र ओर परिवार की मनोकामना पूरी की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। इसके बाद पीपल के पेड़ में शिव शंकर जी का वास मानकर उसकी पूजा और परिक्रमा करती हैं ओर पिपल की परिक्रमा करतीं हैं। आज सुबह से ही शिवालयों पर भक्तों की भीड़ देखने को मिली।
सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव की पूजा और उपासना का विधान बताया गया है। सोमवती अमावस्या के दिन व्रत भी रखते हैं।