
संवाददाता @-सुनील खोड़े
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पेटलावद। ग्राम पंचायत बेकल्दा के सरपंच सचिव की मनमानी और हठधर्मिता से ग्रामीण खासे परेशान है। यहां पर सरपंच सचिव अंधेरी नगरी चौपट राजा की तर्ज पर अपना काम काज संचालित कर रहे हैं। पंचों की बैठक के लिए आज तक एजेंडा जारी नहीं किया गया और तो और बगैर सूचना दिए ही बैठक आयोजित की जाती हैं । जिससे पंचगण खासे नाराज हैं यहां पर नियमों को ताक पर रखकर सचिव द्वारा काम काज किए जा रहे हैं।, 15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए 16 अगस्त को ग्राम सभा आयोजित होना थी परंतु ग्राम सभा अध्यक्ष एवं ग्रामीण जनों ने उक्त ग्राम सभा को कोरम के अभाव में निरस्त कर आगामी 23 अगस्त की तारीख तय की थी परंतु सचिव सीईओ साहब का हवाला देकर अपने कर्तव्य से पल्ला झाड़ रहा है। और भोले-भाले ग्रामीणों को अगले आदेश मिलने तक का हवाला देकर ग्राम सभा को टाल मटोल कर रहा है। जबकि ग्रामवासियों की सर्व सहमति से ग्राम सभा आयोजित होती है ना की किसी आदेश से, जबकि ग्रामसभा को विशेष दर्जा दिया गया है जिसमें पैसा एक्ट भी सम्मिलित है। परंतु ग्राम सभा के महत्व को सचिव धीरे-धीरे समाप्त कर रहा है। इस और वरिष्ठ अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए क्योंकि जब से पैसा एक कानून लागू हुआ है। तब से ग्रामसभा को कई पावर दिए गए हैं। जिसमें ग्राम सभा स्वयं निर्णायक होगी परंतु यहां तो सचिव अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहा ग्राम सभा अध्यक्ष पूनम चंद भाबर एवं ग्रामीण जनों द्वारा सचिव को ग्राम सभा निरस्त करने को भी कहा गया था परंतु सचिन अपनी मनमानी के चलते ही कम कर रहा है । ग्रामीण एवं पंच तोलसिंग,मुंशी डामर, रमेश, सुरेश, शिवप्रताप, महेश, बालचंद का कहना है कि यदि ग्राम सभा आयोजित नहीं होती है तो हम इसकी शिकायत कलेक्टर एसडीएम को जाकर करेंगे इसी के साथ मोहन खड़िया बसंती दास निलेश भेरू उकार आदि का आरोप है कि 14 वा वित, 15 वां वित, योजना में खर्च हुई राशि का हिसाब ग्राम सभा में नहीं बताया और तो ओर सरपंच सचिव ने ऐसे कई निर्माण कार्य अपनी मनमानी के चलते किए गए जो धरातल पर नहीं दिख रहे और उसकी भी राशि निकाल ली यह जांच का विषय है। ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार के भी आरोप ग्रामीण जन लग रहे हैं… सचिव सुरसिंग की कार्य प्रणाली से पूरे ग्रामवासी नाराज है। जबकि प्रदेश सरकार पैसा एक्ट पर लाखों करोड़ों रुपए पानी की तरह खर्च कर रहे हैं ताकि ग्रामीणों में जन जागरूकता आए और ग्रामीण जन पेसा एक्ट के महत्व को समझें और ग्राम सभा में अपनी बात रखें इसके लिए अलग से पेसा एक्ट के लिए एक समिति गठित की गई है जिसमें अध्यक्ष सदस्य भी बनाए गए जो इस पूरी ग्राम सभा में निर्णायक निर्णय लेंगे परंतु यहां तो एक अकेला सचिव ही पूरी रेवड़ी खाने के चक्कर में हैं।