कल मामा शिवराज पेटलावद में, जिले में केवल पेटलावद में जनसभा होना बन रही जनचर्चा का विषय…
– आखिर भाजपा के गढ़ में सीएम की सभा क्यों..?, कहीं डैमेज कंट्रोल की स्थिति से भाजपा में सत्ता खोने डर तो नही…
– बीते 5 सालों में भाजपा समर्थित परिषद ने खूब कराई भाजपा को किरकिरी, जनता है खासी नाराज…
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– नगर में भाजपा के बागी निर्दलीयों ने उड़ा रखी है भाजपा नेताओ की नींद …
सुरेश मूलेवा। पेटलावद
पेटलावद। कल सोमवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान पेटलावद आ रहे है। सीएम यहां 3 बजकर 45 मिनट पर अपने निजी वायुयान से सैलाना से पेटलावद आयेंगे। 4 बजे वे पुराना बस स्टैंड पर जनसभा को संबोधित करेंगे और भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में जनता को वोट करने की अपील करेंगे। करीब 1 घंटा यहां रुकने के बाद वे उसी वायुयान से इंदौर के लिए रवाना हो जाएंगे।
आखिर कब होगी बागियों पर कार्यवाही
कल सीएम शिवराज पेटलावद आ रहे है, लेकिन जिले से लेकर पेटलावद में भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। नाम वापसी की तारीख 15 सितंबर थी और भाजपा के पदाधिकारी 4 दिन बीतने के बाद भी भाजपा के बागी बने प्रत्याशियों पर कोई कार्यवाही नहीं कर सकी है। आपको बता दे कि 15 ही वार्डो में भाजपा के कई बड़े नेता बागी बनकर इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में है। इन सभी नेताओ ने भाजपा की सुकून की नींद उड़ा दी है। यह इसलिए कि जिन प्रत्याशियों को भाजपा ने टिकट देकर मैदान में खड़ा किया है उनका वार्डो में माहौल कम और निर्दलीय प्रत्याशियों का माहौल ज्यादा नजर आ रहा है। अब भाजपा के पदाधिकारी सकते में है कि आखिर करे तो करे क्या।
पेटलावद रहा भाजपा का गड़, लेकिन घबराई भाजपा ने सीएम की ली शरण:
पेटलावद की अगर बात करे तो पेटलावद हमेशा से ही भाजपा का गढ़ माना जाता है और भाजपाई नेता जानते है कि नगर के मतदाताओं ने हमेशा भाजपा को ओर उसके चयनित उम्मीदवारों को समर्थन,वोट ओर आशीर्वाद दिया है। ये सब जानने के बावजूद भी भाजपा इस बार निर्दलिय भाजपाइयों से इतनी घबरा गई है कि डेमेज कंट्रोल के लिए पूरे जिले की 4 परिषदों में हो रहे चुनाव ओर मतदाताओं को साधने के लिये पेटलावद में सीएम चौहान की बड़ी आमसभा करवाने जा रही है। अब सीएम चौहान की सभा को लेकर नगर में जनचर्चाओं का दौर जारी है।
क्या जरूरत है सीएम की सभा की?
क्या मण्डल, जिला और संभाग के भाजपाईयो को अपने आप पर इतना विश्वास नही कि भाजपा के गढ़ माने जाने वाले पेटलावद में ये लोग भाजपा के उम्मीदवार के समर्थन में जनता से मतदान नही करवा सकते? जो सीएम की सभा की जरूरत पड़ रही है। लेकिन असल मे अब भाजपाई नगर में जनता के बीच वोट मांगने या निर्दलियों को बिठाने के प्रयास या हिम्म्मत भी नही कर पा रहे है क्योंकि उनको जनता और निर्दलियों के इन सवालों के जवाब देना मुश्किल पड़ रहा है और जनता ओर निर्दलीय खुलकर आरोप लगा रहे है। भाजपा ने जिस तरह टिकटों का वितरण किया उससे लगता है कि भाजपा ने एक बड़ी गड़बड़ी या चूक कर दी, जिससे सालो से भाजपा का काम कर रहे लोग बगावती हो गए। जनचर्चा तो यह भी है कि जिन लोगो ने अपने नामांकन भाजपा नेताओ के दबाव में भले ही वापस ले लिए हो वे अधीकृत उम्मीदवारों को वोटिंग के दौरान भीतरघात कर नुकसान पहुंचाने को तैयारी में है। भाजपा के बागी बने कई निर्दलीय प्रत्याशी यह भी बता रहे है कि उन्होंने अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में नही भाजपा के नेताओ के दबाव में फार्म वापस लिया है ।
जनता को फूलवालों ने ही 5 साल किया परेशान
वही कई वार्डो में टिकिट का वितरण पुराने चेहरों को किया गया ये वही चेहरे है जिसने पूर्व परिषद में जिस मनोहरलाल भटेवरा के नगर की जनता को प्रताड़ित करने में कोई कसर नही छोड़ी उसका मुंह बंद कर समर्थन करते रहे है। वही करोड़ो के भ्रष्टाचार, छत बेचने, छतों में पार्टनरशिप रखने वाले, नामांतरण में पैसा लेने वाले, अपने परिवार के सदस्यों के नाम से नप से सेलेरी लेने वाले, पीएम आवास ओर कई सरकारी योजनाओं का पद पर बैठकर लाभ लेने वालो को भी टिकिट देने से नगर की। भाजपा समर्थक जनता इस बार फूल के सिम्बोल पर कम विश्वास करती नजर आ रही है, क्योकि जनता कमल का फूल देखकर वोट देती है और वोट लेने वाला जनता के सामने पार्टी की मिट्टी पलित करने की कोई कसर नही छोड़ रहा है और जनता फूलछाप नेताओं के अत्याचारों से तंग आकर मजबूरन फूल से दूरी बनाने की तैयारी में है। ऐसा नही है कि जिला स्तर के बड़े नेताओं को पिछली परिषद के कारनामों ओर नगर की जनता की पीड़ा नही की जानकारी नही है। दावा तो ये भी है कि नप के पुराने भ्रष्टाचार की गंगोत्री में जिला ओर सम्भाग के नेताओ ने भी डुबकी लगाई है।
अपनी नाकामयाबी को छुपा रहे बड़े नेता
इसी के चलते ये नेता जनता को समझाने ओर निर्दलीयों को बिठाने में नाकामयाब हो रहे है और अपनी नाकामयाबी को छुपाने ओर भाजपा की लाज बचाने के लिये ये नेता नगर पंचायत जैसे चुनावो में सीएम की सभा करवा रहे है। अब देखना यह है कि 19 को सीएम साहब इस डेमेज को कितना कंट्रोल करते है…?

एसपी ने देखी व्यव्यस्था, पेटलावद बना छावनी:
सीएम के दौरे के एक दिन पहले एसपी अरविंद तिवारी ने अपनी टीम के साथ पेटलावद पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कहीं किसी प्रकार की चूक न हो और किसानों के आंदोलन को लेकर पुलिस पहले से सतर्क हो गई है और पुलिस ने पेटलावद को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया। एसपी के साथ एडिशनल एसपी सहित कई पुलिस अधिकारियों की टीम, पेटलावद एसडीओपी सोनू डावर, टीआई सुरेंद्र गाडरिया आदि मौजूद रहे।