छात्रावास के बच्चों को भूखे मरने की आ गई नोंबत

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@Voice ऑफ झाबुआ      @Voice ऑफ झाबुआ

शासन नित नई योजनाओं के माध्यम से छात्रों के विकास के लिए अथक प्रयासरत हैं। ताकि शिक्षा का स्तर बढ़ने के साथ साथ देश का आने वाला भविष्य उज्जवल हो सके। उन्ही योजनाओं में से एक योजना है जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित छात्रवास व आश्रम जहां बालक बालिकाएं रह कर अपना भविष्य बना सके इसके लिए शासन द्वारा रहने के साथ साथ भोजन व अन्य व्यवस्थाएं भी की गई है जिससे अध्यनन में बालक बालिकाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके। लेकिन पिछले 3 माह से जून 2022 से झाबुआ जिले के किसी भी छात्रवासों व आश्रमो में खाद्य विभाग द्वारा बच्चों के लिए अनाज उपलब्ध ही नही करवाया जा रहा है जबकि जानकारी 4 से 5 बार मांग ली गई है जिसकी वजह से अधीक्षकों को को बच्चों के लिए अनाज व राशन महंगे दामों में बाजार से खरीदना पड़ रहा है। कोई 5 किलो तो कोई 10 किलो आटा बाजार भाव से खरीद रहा है। जबकि शासन छात्रों को मिलने वाली प्रतिमाह की शिष्यवृत्ति में केकेवाय योजना अंतर्गत कम दाम ओर गेंहू व चावल की सुविधा देती है किंतु अभी तक राशन नही मिला जिसकी वजह से काफी परेशानी हो रही है और बच्चों को भूखे मरने की नोबत आ गई है। ऐसे ।के कैसे देश का भविष्य उज्जवल होगा जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देते हुवे जल्द से जल्द करवाई करते हुवे छात्रावासों में अनाज उपलब्ध करवाया जाए। सूत्रों की माने तो खाद्य विभाग के कुछ जिम्मेदार बच्चों को मिलने वाले अनाज में हेराफेरी कर रहे है इस ही वजह से छात्रावासों अनाज उपलब्ध नही हो रहा है। वही इस ओर सहायक आयुक्त प्रशान्त आर्य को भी ध्यान देते हुवे संबंधित के खिलाफ करवाई करवानी चाहिए।

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