आजादी के अमृत महोत्सव के तहत निकाली गई विशाल तिरंगा यात्रा

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खावसा रितिक परमार

मेरी आन तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है। आजादी, वो शब्द है जो सुनने मात्र से रोम रोम में हलचल मच जाती है। दशकों तक हजारों- लाखाें लोगों की शहादत के बाद मिली अंग्रेजी हुकूमत से आजादी। संघर्ष की वो दास्तां जिसे आज की पीढ़ी भी जब सुनती है तो आवेश में आ जाती है। खून खाैल उठता है। आजादी के अमृत महाउत्सव की कड़ी में आज खावसा नगर में भी तिरंगा यात्रा निकाली गई यात्रा में नगर के समस्त स्कूली बच्चे और प्रसासनिक लोग ओर नगर के लोग शामिल रहे यात्रा को लेकर खावसा के युवाओं में काफी जोश देखने को मिला तिरंगा यात्रा बालक विद्यालय के खेल मैदान से प्रारंभ हुवी ओर नगर के मुख्य मार्गो से होकर फिर खेल मैदान पोहची ओर यात्रा को विराम दिया

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