कालु मिस्त्री ने किया काम और भुगतान किया किसी ओर को…?

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वॉइस ऑफ झाबुआ निकलेश डामोर

अब तो आप सभी समझ गए होंगे कि आखिर सीएमएचओ साहब…बाबु विजय गणावा को आखिर क्यों सीएमएचओ कार्यालय की कुर्सी तोडने क्यों दे रहे है…और शासन के नियम कायदें तोड क्यों यहां अटैच कर रखा है।ऐसा लगता है कि सीएमएचओ साहब शासन प्रशासन को कुछ नही समझते तभी तो बिना कोई डर के अपने चहेते बाबु विजय पर बडे मेहरबान है। सुत्रों की माने तो बाबु विजय कमीशन के चक्कर में इतने फर्जी बिल लगा रखे है कि पुछों हीं मत…बाबु विजय भी किशनपुरी के और जो बिल भुगतान हुए वो भी किशनपुरी के,मजदुर भी किशनपुरी के तो सामग्री सप्लायर भी किशनपुरी के मगर काम तो कालु मिस्त्री ने किया। भ्रष्ट बाबु ने कच्चे बिल लगाये हे जिसमें गाडी नम्बर भी नही है और न ही कौन सा वाहन है ये लिखा गया है बस फलाना फलाना का इतना भूगतान हुआ। एक पानी का टेंकर डला मगर 5 टेंकर के बिल लगे… रेत की ट्राली 3हज़ार की तो 4 हज़ार की बताई.. ना ही कोई कटोती की गई और बिना जीएसटी ओर बिना नम्बर के बिल लगा दिए गए।
सुत्रों की माने तो संजय के नाम से कई बिल लगे है बिल पुरे के पुरे कच्चे है जिसमें कई त्रुटियां भी है और सामग्री के लिए जो बिल में राशि दर्शाई गई है उस किमत पर वो सामग्री और कम किमत पर आती है मगर कागजों में हेराफेरी करने वाला बाबु विजय गांधीछापों के लिए कुछ भी कर सकता है। सुत्र तो ये भी बताते है ये संजय कोई ओर नही पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धनसिंह बारिया का पुत्र है जिसके नाम से सारे कच्चे बिल लगे हुए है। कई बिल दिनेश बारिया के भी लगे हुए ये भी किशनपुरी के ही है। इसी तरह एके कंस्ट्रक्शन, साधना इंजिनियरिंग वर्क, क्वालिटी प्लांटस, सावन आर्टस, कविता नर्सरी, महेश प्रजापत आदि के बिल लगे हुए है जो पुरी तरह कच्चे है एक में तो स्टीमेंट के प्रोफार्मा पर ही बिल भुगतान कर डाला। जिससे सीएमएचओ साहब ने वेरिफाईट कर के ही भूगतान करवाया। इस बात से साफ स्पष्ट होता है कि सीएमएचओ ठाकुर साहब सारे भ्रष्टाचारों को किस तरह से कागजों में हेराफेरी करवाते है। इस वजह से बाबु विजय इनका चहेता है। चार ऑफिस का मालिक विजय बाबू सीएमएचओ ऑफिस मे दो रूम दोनों पर ताला लगा विजय का जबकि 2 रूम मे बैठते है और विजय एक रूम दो वाह साहब,इसके अलावा नर्सिंग सेंटर मे दो एक हॉस्टल मे एक स्कूल मे, एक जिला चिकित्सालय मे इंनका ऑफिस लगता शाम 6 बजे के बाद से इनके पास जो प्रभार है इनके प्रभार ट्रेनिंग सेंटर लेखपाल, होस्टल अधीछक,भवन शाखा, भवन अलॉटमेन्ट, लोकल परचेस, महोदय को और कमी लगीं तो उन्होंने अपने दूसरे चहेते चुप…… नाल अभिषेक तोमर जो 6 माह के लिए लेखा ट्रेनिंग मे गये उनके प्रभार फर्जी चिकित्सक, नर्सिंग होम,सीएम हेल्प लाइन भी इन्हे दिया गया,सामग्री की बात तो ठिक शासकीय आवासों के आवंटन में भी बाबु विजय ने सीएमएचओ के मार्गदर्शन में स्वंय लक्ष्मी यंत्रों की प्राप्त के चक्कर में मकान जूनियर अपात्र कर्मचारियो को अलाट किए जिसमें अच्छी खासी गांधीछापों की इन्हे सौंगात मिली है। संविदा कर्मचारी और प्रोविजनल कर्मचारियो से खुद किराया वसूल रहा है?ऐसा नही जो आवास अलाॅट हुए है उनमें समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर तो है ही नही… सिर्फ सीएमएचओ साहब व उनके चहेते विजय के हे…! स्वास्थ्य विभाग में बाउड्रीवाल, तार फेन्सिंग व अन्य कार्य कालु मिस्त्री ने किए मगर बिलों का भुगतान कही और किया गया। जिसके दस्तावेज हमारे पास उपलब्ध है।

इसलिए बचाने में लगे भाजपाई

सुत्रों के अनुसान भाजपाईयों व उनके रिश्तेदारों के वाहनों में डिजल और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे के कच्चे बिलों का भुगतान होना ये से साबित तो हो गया है कि भाजपाई भी सीएमएचओ और विजय के भ्रष्टाचार में शामिल है तभी तो वो विजय की पेरवी कर रहे है। ऐसे में भाजपा संगठन को इस ओर ध्यान देते हुए ऐसे भ्रष्टों पर कार्रवाई करवाना चाहिए।

कलेक्टर साहब को कसनी होगी नकेल

जिला स्वास्थ्य विभाग में जिस तरह से परत दर परत सीएमएचओ साहब और उनके चहेतों के पन्ने खुल रहे है ऐसे में जिला कलेक्टर साहब को इस ओर ध्यान देते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कडी से कडी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि कोइ भी भ्रष्ट इस तरह से शासन को चुना न लगा सके।

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