वीतराग पथ कार्यशाला के दूसरे चरण कार्यक्रम व बहन अंजलि जैन (कोयम्बत्तूर ) के अभिनंदन समारोह का हुआ आयोजन

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पेटलावद ~ सहिष्णुता, समता, संतोष व सकारात्मक दृष्टिकोण हो तभी हमारा जीवन सुखी बन सकता है।
जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच परिवार में सुखी वही रह सकता है जिसकी भावधारा शुभ हो ।उक्त आशय के उद्गार श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ धर्मसंघ के 11 वे अनुशास्ता युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की सुशिष्या शासनश्री साध्वीश्री मधुबालाजी ने वीतराग पथ कार्यशाला के दूसरे चरण और बहन अंजलि जैन (कोयम्बत्तूर )के अभिनंदन समारोह में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।आपने कहा कि केवल धन व्यक्ति को कभी सुखी नहीं बना सकता। जिसकी संकल्प शक्ति मजबूत हो वह सुख का मार्ग खोज सकता है। आपने अनाथी मुनि के प्रसंग का विस्तार से वर्णन भी किया।इस अवसर पर साध्वी श्री मंजुलयशाजी कहा कि मोक्ष का शॉर्टकट रास्ता है चरित्र या संयम। आपने प्रासंगिक रूप में कहा कि वर्तमान समय में फ्री फायर जैसे मोबाइल खेल के माध्यम से बच्चो के मस्तिष्क में नकारात्मक विचार में भरे जा रहे हैं। जो भविष्य में बच्चे के जीवन को पतन की ओर ले जा सकते हैं।

इस बारे में अभिभावकों को जागरूक रहना चाहिए।

इस अवसर पर साध्वी श्री विज्ञानश्रीजी साध्वीश्री सौभाग्यश्रीजी, साध्वी श्री प्रदीपप्रभाजी ने भी सभा को संबोधित किया तथा विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

आज तेरापंथ समाज द्वारा कोयमम्बत्तूर से समागत सुश्री अंजलि जैन का अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो परमार्थिक शिक्षण संस्था लाडनूँ मे प्रवेश पूर्व यहां पधारी। साथ ही अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा निर्देशित वीतराग पथकार्यशाला के दूसरे चरण का आयोजन भी किया गया।

आज के कार्यक्रम मे अंजलि जैन कोयम्बत्तूर नें अपने भावपूर्ण उदगार व्यक्त किए। तेरापंथी महासभा आँचलिक प्रभारी दिलीप भंडारी, तेरापंथी सभा के अध्यक्ष मनोज गादिया, अमराबाई जैन (दुर्गापुर) ,महिला मंडल मंत्री प्रीति पटवा नें भी अपनी भावनाएं व्यक्त की।

अंजलि जैन को संपूर्ण तेरापंथ समाज की ओर से अभिनंदन पत्र और साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन तेरापंथी सभा के मंत्री राजेश वोरा और वीतराग पथ के राष्ट्रीय सहप्रभारी रूपम पटवा ने संयुक्त रूप से किया, उक्त जानकारी तेरापंथी सभा के मीडिया प्रभारी पियुष पटवा द्वारा दी गई।

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