तीन तपस्या पूर्ण – श्रीसंघ ने किया आराधकों का बहुमान

59

थांदला। तप प्रधान जैन धर्म में जिन शासन गौरव पूज्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. “अणु” के दिव्यशीष से प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती पूज्य श्री चन्द्रेशमुनिजी एवं पूज्य श्री सुयशमुनिजी तथा महासती पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा. आदि ठाणा – 4 के पावन सानिध्य में ज्ञान – दर्शन – चारित्र व तप की आराधना गतिमान है। अनेक आराधक विभिन्न तप के माध्यम से उग्र तपस्या भी कर रहे है।इन्ही तपस्याओं में आज युवा तपस्वी कु. सलोनी प्रवीण मेहता, अखिल भारतीय चंदना श्राविका मण्डल की प्रांतीय अध्यक्षा श्रीमती इंदु कमलेश कुवाड़ एवं ललित जैन नवयुवक मंडल के युवा सदस्य धर्मेश अशोक मोदी के अट्ठाई तप की आराधना पूर्ण की। तीनों तपस्वी का बहुमान श्रीसंघ कि ओर से क्रमशः सूरजमल श्रीमाल, चेल्सी कुवाड़ व अंशुल लोढ़ा ने अट्ठाई तप करने की बोली लेकर किया। इसी क्रम में घोड़ावत, गादिया, भंसाली, शाहजी आदि परिवार द्वारा भी किया गया। इस दौरान गुरुभगवन्तों ने सभी तपस्वियों के नाम की सार्थकता बताते हुए उनके तप की अनुमोदना की।

युवा तपस्वी कर रहे है दीर्घ तपस्या

तपस्वियों की जानकारी देते हुए संघ प्रवक्ता पवन नाहर ने बताया कि श्रीमती दीपा गौरव शाहजी – 14 उपवास, श्रीमती पिंकी इंदर रुनवाल एवं प्रांजल जिनेन्द्र लोढ़ा 13 उपवास की दीर्घ तपस्या करते हुए मासक्षमण कि ओर अपने कदम बढ़ा रहे है। वही कु. सलोनी अनिल शाहजी – 10 उपवास, श्रीमती मधु लोढ़ा – 08 उपवास, सुरजमल श्रीमाल, अंशुल लोढ़ा, श्रीमती मनोरमा लोढ़ा – 07 उपवास, श्रीमती राखी व्होरा – 06 के साथ उनका साथ निभा रहे है। वही विशेष तलेरा, कु. श्रेयल कांकरिया, कमल श्रीमाल, श्रीमती किरण पावेचा व प्रांजल भंसाली अट्ठाई तप पूर्ण कर चुके है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here