गुरु पूर्णिमा पर वनवासी हनुमान गोमुख धाम पर गोमुख सरकार का आकर्षण श्रंगार किया गया

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योगेश गवरी

रिंगनोद नगर के समीप अति प्राचीन गोमुख धाम है जिसके प्राकृतिक अनुपम छटा बिखरे हुए हैं जो आकर्षक का केंद्र है वनवासी क्षेत्र का यह अति प्राचीन गोमुख धाम है ऐसा माना जाता है कि प्राचीन समय में गोमुख गोमुख नाम इसलिए पड़ा क्योंकि गोमुख धाम मे गाय के मुख से दूध की धारा बहती है इसी कारण इस प्रसिद्ध धाम का नाम गोमुख धाम के नाम से जाना जाता है इसकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है और श्रद्धालु इस के दर्शन करने के लिए यहां बड़ी संख्या में आते हैं इस गोमुख धाम की एक अपनी एक विशेषता है जो भी भक्त श्रद्धा से जो अपनी मनोकामना मांगता है उसकी मनोकामना बिल्कुल पूरी होती है अगर उसे सच्चे दिल से बाबा के प्रति आस्था रखता है उसकी मनोकामना पूर्ण होती है बाबा गोमुख सरकार हनुमान की एक अद्भुत चमत्कारी प्रतिमा इसके दर्शन मात्र ही सब पीड़ा दूर हो जाती है इसी के कारण गोमुख सरकार के दर्शन के लिए हजारों संख्या में श्रद्धालु आते हैं वनवासी क्षेत्र होने के कारण की प्राकृतिक छटा अपने आप में एक अद्भुत अदिति है जिसे देखकर मानो लगता है जैसे स्वर्ग में आ गए हो और वहां से आने की इच्छा ही नहीं होती है ऐसी वहां की प्राकृतिक वातावरण है ऐसा गोमुख सरकार धाम है की जितनी भी तारीफ की जाए वह भी कम लगती है वनवासी गोमुख धाम का वनवासी लोग इस मंदिर का संचालन करते है इसी कड़ी में गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज बाबा का विशेष शृंगार किया गया महा आरती और महा प्रसादी का वितरण किया गया इस गोमुख धाम में राजगढ़ नगर के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य पंडित पुरुषोत्तम भारद्वाज जी के सानिध्य में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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