आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने के संबंध में आदिवासी समाज ने दिया ज्ञापन

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@Voice  ऑफ  झाबुआ     @Voice। ऑफ झाबुआ

रितुराज

पंकज गाड़रिया जाती भिलाला आदिवासी युवक पिछले 2 साल लगभग समय से नाजिम खान के मकान मे अपनी बहनो के साथ अंसारी बाग कॉलोनी पालदा, आजाद नगर, तेजाजी नगर थानाअंतर्गत किराये से रहा रहा था,दिनांक 9 जुलाई दोपहर 3 बजे लगभग जब मे अपने कमरे मे था मकान मालिक नाजिम आया और ईद हेतु बकरा लेने जाने के लिए साथ चलने को कहा,पंकज गाडरिया नाजिम की एक्टिवा स्कूटी पर बैठकर उसके साथ चल दिया, लगभग 2 km दूर ले जाकर किसी के घर ले गए वहा बकरा ऊपर होने का कहा और ऊपर ले गए, जहाँ पहले से 3 लोग मौजूद थे,
जैसे ही पंकज ऊपर पंहुचा वेसे ही पंकज को गर्दन पकड़कर सबने मिलकर अन्दर एक कमरे मे लेजाकर कमरा बंद कर दिया, मुंह मे कपड़ा ठूस दिया और पंकज को रस्सी से बांधकर,उल्टा पटक दिया,नंगा कर पटककर पाइप, और लातघुसो से बेरहमी से मारा फिर बोतल से गुडामे पेट्रोल डाला गया और 50,000 रूपये की मांग करते हुए कबूलने को कहा और वीडियो बनाया ताकी मुझसे ब्लेकमेल कर पैसे भी मांगे जा सके और मे इस घटना की शिकायत भी न कर सकूँ,इसलिए वो पैसे लेने का झूठा इल्जाम भी लगाने लगे,जब मैंने उन्हें कहा की मेरे पिताजी नौकरी करते है और उनके चैक से मैंने लेपटॉप लिया है तो वो जान से मारने की कोशिश करने लगे नाजिम द्वारा मेरा गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गयी,जब मैंने वीडियो मे पैसे लेने कबूलने की बात कही तब जाकर मुझे जिन्दा छोड़ा और वापस कमरे ले जाकर एक्सीडेंट होने की बात कहने को कहा,नाजिम के जाने के बाद पीड़ित अनुसार उसने बहन के सामने पूरा घटनाक्रम सुनाया,बाद मे अपने परिवार जन को बताया उसके बाद 5 बजे से वो भवरंकुवा थाने रिपोर्ट लिखवाने गए जहाँ से क्षेत्र का हवाला देकर मना कर दिया गया,आजाद नगर थाने मे भी यही हवाला देकर मना कर दिया गया,उसके बाद तेजाजी नगर थाने गए जहाँ अंततः काफी निवेदन के पश्चात ही साधारण FIR IPC की धारा -323,342,506,294,34 मे की गयी हालांकि उसमे एट्रोसिटी एक्ट लगाया है।किन्तु षड्यंत्र इतना गंभीर था की यहां पर भी राजस्थान के उदयपुर की तरह ही घटना को अंजाम दिया जा सकता था,देश मे साम्प्रदायिक तनाव जैसी स्थिति है और एक मुस्लिम बहुल इलाके मे भाईचारे के साथ रहने वाले आदिवासी युवक की इस तरह बेरहमी से पिटाई कर जान से मारने की कोशिश की गयी।जिससे क्षेत्र और शहर के युवाओं मे डर का माहौल है,
तो आदिवासी समाज मे आक्रोश है।
उक्त घटनाक्रम सम्पूर्ण इंदौर शहर के लिए चुनौती के तौर पर देखा जाना चाहिए,और तत्काल दोषियों पर IPC की धारा-362,363,307 बढ़ाकर रासूका की सख्त कार्यवाही की जाये ताकी भविष्य मे ऐसी घटना घटित न हो और इंदौर मे पड़ने,रहने वाले छात्र भयहींन होकर रहे उक्त सम्पूर्ण घटनाक्रम को तत्काल सज्ञान मे लेकर फरार एक आरोपी को पकड़कर हमारी मांग अनुसार कार्यवाही हेतु आदेशित करे ताकी इंदौर जैसे क्षेत्र मे शांति का वातावरण बना रहे।
न करने की दशा मे सम्पूर्ण आदिवासी समाज मध्यप्रदेश द्वारा इंदौर आकर अपना आक्रोश सड़क से लेकर आपके कार्यालय तक विरोध स्वरूप पैदल मार्च रैली कर ,धरना प्रदर्शन करेगा जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी।ज्ञापन सौंपते समय आदिवासी समाज के युवा जयस जिला मीडिया प्रभारी रितुराज,बिरसा बिग्रेड अध्यक्ष गुड्डू सेमलिया,आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष सालम सोलंकी,भुरू मंडलोई,सकेश भूरिया,सुनील डोडवे,राकेश,शंकर,विजय ने कलेक्टर साहब राघवेंद्र सिंग को सौंपा ज्ञापन

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