सड़क दुर्घटनाओं वाले स्थानों पर भौतिक निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य करे- कलेक्टर

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     @वॉइस ऑफ झाबुआ 

कलेक्टर डॉं. पंकज जैन की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। कलेक्टर डॉं. जैन ने रोड़ निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे स्टेट हाईवे, ग्रामीण सड़के व अन्य मार्गों पर घटित गंभीर सड़क दुर्घटनाओं वाले स्थानों पर भौतिक निरीक्षण किया जाकर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किये जाना तथा जिले से होकर गुजरने वाले सभी मार्गों पर गति सीमा साईन बोर्ड व संकेतक लगाना सुनिश्चित करे। साथ ही एमपीआरडीसी को घाटाबिल्लौद से लेबड मार्ग पर सड़क के दोनों किनारे अतिक्रमण पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।कलेक्टर डॉं. जैन ने पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि जिले में घटित गंभीर सडक दुर्घटनाओं के मामलों में मोटर व्हिकल एक्ट की धारा 135ए के अंतर्गत प्रभावी फॉरेन्सिक कैश इन्वेस्टिगेशन कराया जाना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग को जिले में घटित होने वाली गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान पीडीतो को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एंबुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता के साथ ही प्रभावी क्रियान्वयन करने एवं जिले में गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान आकस्मिक चिकित्सा सुविधा हेतु प्रभावी योजना बनाया जाना सुनिशिचित करे। डायल 100/ 108 एम्बुलेंस में तैनात किये गये कर्मचारियों को सडक दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को गोल्डन आवर में स्वास्थ्य केन्द्रों में ले जाने के दौरान दिये जाने वाले आवश्यक उपचार प्रणाली संबंधी प्रशिक्षण दिया जाना सुनिश्चित करे। रोड निर्माण एजेंसी को कहा कि नेषनल हाईवे, स्टेट हाईवे, पीडब्ल्यूडी व अन्य मार्गों पर रम्बल स्ट्रिप और स्पीड बैंकर जो निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप नहीं है, उन्हें मरम्मत, निर्माण की आवश्यकता है तथा मार्गों पर रिफ्लेक्टिव रोड मार्किंग की आवश्यकता है। मुख्य सड़कों से जुड़ने वाली अन्य ग्रामीण सड़को पर टी जंक्शन के स्थान पर व्हाय जंक्शन की आवश्यकता है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। मुख्य मार्गों पर शोल्डर रिपेयर की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए है कि वे स्कूली बच्चों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता हेतु स्कूलों में ट्राफिक अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजित कराया जावे। जिले में अज्ञात वाहन से सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को सोलेशियम फण्ड (राहत राशि) दिये जाने के संबंध में प्रकरणों के निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जावे। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों के माध्यम से मजदूरों के परिवहन को निषेध किया जावे। अधिक संख्या में मजदुरों द्वारा मालवाहन में परिवहन किये जाने वाले मार्गों को चिन्हित कर अन्य सुरक्षित वैकल्पिक परिवहन साधन उपलब्ध करना सुनिश्चित करे।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 में जिले में कुल 1973 दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 627 मृत्यु हुई तथा 2204 गंभीर घायल हुए। जिले में 03 राष्ट्रीय राजमार्ग, 10 राज्यमार्ग, 28 एम. डी. आर. 09 ओ.डी.आर. 920 प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, 157 ग्रामीण यांत्रिकी सड़क सहित कुल 1127 मार्ग आवागमन हेतु उपलब्ध है।

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