मेडिकल दुकानों को बंद रख किया एस्मा कानून का उल्लघंन उल्लघंन करने वालो के लिये है छ : माह की सजा का प्रावधान कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए 8 अप्रैल से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर लगा एस्मा कानून क्या कलेक्टर साहब क्या नाकोडा मेडिकल के तीनो दुकानों के खिलाफ करेंगे कार्यवाही ?

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मेडिकल दुकानों को बंद रख किया एस्मा कानून का उल्लघंन

कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए 8 अप्रैल से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर लगा एस्मा कानून

क्या कलेक्टर साहब  नाकोडा मेडिकल के तीनो दुकानों के खिलाफ करेंगे कार्यवाही ?

पेटलावद
कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रदेश में 8 अप्रैल से स्वास्थ्य सेवाओं पर एस्मा कानून लगाया गया था, परंतु पेटलावद मे एक मेडिकल व्यवसायी अपने आपको कानून से भी बड़ा समझता है कानून को अपनी जेब में रखने का दंभ भरता है , इस व्यवसाय करने वाले ने 17 तारिख को लगभग 11.30 पर कवरेज करने आये मीडिया कर्मी से अभद्र व्यवहार किया व उल्टे अपनी ऊँची पहुँच दबाव प्रभाव कि राजनीति कर मीडिया कर्मी पर झूठा आरोप लगाकर प्रकरण भी दर्ज करवा दिया तथा अपने व्यक्तिगत लड़ाई मे सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को गुमराह कर सभी मेडिकल दुकानों को लगभग 24 घंटे के लिये बंद करवा दिया इस व्यक्ति ने मामले को तुल देते हुवे अन्य मेडिकल व्यवसायी के साथ अधिकारीयों को भी गुमराह किया 24 घंटे से अधिक समय तक बंद रखने व मीडिया कर्मी पर प्रकरण दर्ज कराने के बाद ज्ञापन के जरिये पुन : बंद कराने व प्रकरण दर्ज करने का ज्ञापन में उल्लेख किया गया याने ज्ञापन के माध्यम से दोबारा प्रकरण दर्ज करने व बंद की सूचना l कुल मिलाकर इस एक व्यक्ति के कारण मेडिकल व्यवसाय करने वालो को बेवजह अपनी लड़ाई मे घसीटा व मरीजो को दवाई ना मिलने से बड़ी तकलीफ व पिढा हुई, क्यो ना प्रशासन इस समाज के दुश्मन बने संचालक के तीनो मेडिकल स्टोर जो की नाकोडा मेडिकल एण्ड जनरल स्टोर के नाम से है इनके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही याने एस्मा कानून उल्लघंन करने का प्रकरण दर्ज करे व इसके तीनो मेडिकल स्टोर के लायसेंस रद्द करे l इस संबंध में परेशांन मरीजो ने पेटलावद थाने व अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन देकर कार्यवाही की माँग की है l

अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) स्वास्थ्य सेवाओं पर लागू

मध्य प्रदेश में कोरोनावायरस की रोकथाम के मद्देजनर प्रदेश सरकार ने राज्य में ‘ अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून ( एस्मा ) लागू करने का फैसला किया है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार 8 अप्रैल को ट्वीट कर स्वास्थ्य सेवाओं पर एस्मा लागू किए जाने की जानकारी दी . उन्होंने कहा , ” नागरिकों के हित को देखते हुए कोविड 19 आउट ब्रेक के बेहतर प्रबंधन के लिए आज से यानी 8 अप्रैल से सरकार ने मध्यप्रदेश में एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट जिसे एस्मा या हिंदी में ‘ अत्यावश्यक सेवा अनुरक्षण कानून ‘ कहा जाता है , तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है . “

क्या है कानून

” आम लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अत्यावश्यक वस्तुओं की कमी न हो , इसमें कोई कसर नहीं छोड़ना हैं . इसमे भोजन , दवाई , दूध , सब्जी और अन्य सामग्री की आपूर्ति आवश्यक रूप से करना है l
एमपी में इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है । इसके तहत डॉक्टर , नर्स , स्वास्थ्य कर्मी , स्वास्थ्य संसाधनों में स्वच्छता कार्य करने वाले जरूरी दवाइयों की बिक्री परिवहन करने वाले , एंबुलेंस सेवा प्रदान करने वाले व मेडिसिन आपूर्ति करने वाले मेडिकल स्टोर कर्मी बंद करने या कार्य करने से इंकार नहीं कर सकते ।

क्या है सजा का प्रावधान

आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून ( एस्मा ) हड़ताल या बंद को रोकने हेतु एस्मा लगाया जाता है । एस्मा का नियम अधिकतम ६ माह के लिए लगाया जा सकता है । एस्मा लागू होने के उपरान्त यदि कर्मचारी या संस्थान हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध एवं दण्डनीय है । क्रिमिनल प्रोसीजर १८ ९ ८ ( ५ ऑफ १८ ९ ८ ) के अन्तर्गत एस्मा लागू होने के उपरान्त इस आदेश से सम्बन्धि किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारन्ट के गिरफतार किया जा सकता है ।

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