दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो कलेक्टर साहब नही तो शिक्षा विभाग से विश्वास उठ जाएगा ?

2016

 

@Voice ऑफ झाबुआ

फर्जी छात्रों को परीक्षा दिलाने का मामला थांदला विकासखंड के कुकड़ीपाड़ा संकुल के अंतर्गत आया । जिसमें अब खंड शिक्षा अधिकारी को भी कारण बताओ नोटिस दे दिया गया है । अब आपको बता दें अगर खंड शिक्षा अधिकारी अन्य दो संकुल का प्राचार्य का पदभार संभाल रखा है। यही वजह लगती है कि फर्जी परीक्षा घोटाला सामने आ गया ? । बीईओ साहब अगर एक साथ तीन जगह की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे तो जाहिर सी बात है लापरवाही तो होगी । और अब दोषी शिक्षकों को भी शायद बचाने की पूरी पूरी कोशिश की जा रही है। शिक्षकों को कैसे बचाया जा रहा है यह वॉइस ऑफ झाबुआ अपने आने वाली खबर में प्रकाशित करेगा फिलहाल तो बीईओ साहब के बारे में आपको बता देते हैं कि साहब ने शा. उ. मा. विद्यालय काकनवानी संकुल प्राचार्य का पदभार भी संभाले हुए हैं वहीं बा.शा. उ. मा. विद्यालय थांदला का कार्यभार भी संभाले हुए हैं । और खंड शिक्षा अधिकारी अगर दो अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेगा तो जाहिर सी बात है कि वह अपने कर्तव्य के प्रति न्याय नहीं कर पाएंगे और लापरवाही तो होगी ही इसी का नतीजा है जो फर्जी छात्र परीक्षा में बैठ गए।
वहीं कुछ दिन पूर्व आमली में एक प्राथमिक स्कूल भी 2 दिनों के लिए बंद हो गई क्योंकि वहां के शिक्षक की आठवीं की परीक्षा में ड्यूटी लगा दी थी । अब अगर किसी शिक्षक की दूसरी जगह परीक्षा में ड्यूटी लगेगी तो स्कूल में पढ़ाने के लिए अन्य शिक्षक की व्यवस्था कौन करेगा ?
यह लापरवाही ही हे तभी तो प्राथमिक स्कूल 2 दिन तक बंद रहा ।जब हम ने शिक्षा विभाग प्राथमिक स्कूल बंद होने की ख़बर दी तो BO साहब न जाने कौन सी स्कूल पर जाकर फोटो खिंचवा कर चले आए और अपने अधिकारी को बता दिया कि स्कूल यहां के बजाय दूसरे भवन में लगती है। साहब को यह भी नहीं पता कि प्राथमिक स्कूल कहां की बंद है और कहां के शिक्षक की आठवीं की परीक्षा दिलाने में ड्यूटी लगी हुई है। जब ग्रामीण कह रहे हैं कि स्कूल 2 दिनों से बंद है तो फिर उस मामले को कैसे रफा-दफा कर दिया गया ? और अब ऐसा ही हो रहा है फर्जी छात्रों को परीक्षा दिलाने वाले मामले में सिर्फ 2 शिक्षकों को निलंबित कर बाकी दोषियों को बचाने की भरपूर कोशिश की जा रही है हमें तो लगता है कहीं खंड शिक्षा अधिकारी से अन्य दोषियों की तगड़ी सेटिंग तो नही थी ? फर्जी छात्र बिठाकर परीक्षा दिन आने वाले मामले में विस्तार से खबर अगले भाग में प्रकाशित की जाएगी । फिलहाल तो बीईओ साहब बारे में ही बताना था कि अगर खंड शिक्षा अधिकारी दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेगा तो लापरवाही तो होगी और उसी का नतीजा फर्जी छात्र बिठाकर परीक्षा दिलाना साथ में प्राइमरी स्कूल 2 दिन के लिए बंद और ना जाने कितनी लापरवाही हुई होगी जो अब तक सामने नहीं आ पाई है क्या शिक्षा विभाग में सिर्फ एक ही काबिल कर्मचारी है जो तीन जगह की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल सकता है ? अन्य कोई ऐसा काबिल नहीं है जो इन जिम्मेदारियों को संभाले क्योंकि खंड शिक्षा अधिकारी का एक महत्वपूर्ण पद है और उस पद पर रहकर आप अगर अन्य जगह की जिम्मेदारी का निर्वहन करने जाएंगे तो फिर शिक्षा व्यवस्था व शिक्षा का स्तर किस तरीके से सुधरेगा यह तो आप और हम समझ ही सकते हैं ।अब तो कलेक्टर साहब से यही दरकार और उम्मीद है कि थांदला विकासखंड में हुए फर्जी छात्र बिठाकर परीक्षा देने के मामले में जो भी दोषी हो उन्हें बक्सा नहीं जाए नहीं तो शासकीय शिक्षा व्यवस्था से जनता का विश्वास ही उठ जाएगा।

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