जिसे दुनिया ठुकरा देती हैं उसे भगवान शिव अपना लेते हैं-पंडित शिव गुरू शर्मा

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दिलीपसिंह भूरिया की रिपोर्ट

जिसे दुनिया ठुकरा देती हैं उसे भगवान शिव अपना लेते हैं-पंडित शिव गुरू शर्मा

चंद्रशेखर आजाद नगर| जिसे दुनिया ठुकरा देती हैं उसे भगवान शिव अपना लेते हैं| शिव के द्वार अर्थात् मुक्तिधाम पर कभी ताला नहीं लगा होता| शिव का जीवन हमारे लिये एक उदाहरण हैं| शिव के गले में विष व विषधर दोनों लेकिन वे हमेशा आनंद में रहते हैं।हमें शिव अर्थात् भगवान शंकर से सिखना चाहिए जीवन में कितनी भी कठिनाईयां क्यों ना हो हमेशा कठिनाइयों को भूलकर जीवन का आनंद उठाना चाहिए| आज का व्यक्ति धन कमाने में इतना व्यस्त हैं कि अंत में अपने जीवन के कमाये धन का स्वयं ही उपयोग नहीं कर पाता हैं| उसके धन का उपयोग लोग ही करते हैं। इसलिये जो जीवन शिव ने दिया उसका जितना हो सके आनंद लो| जीवन में आनंद लेना हैं तो शिव का नाम लेते रहे क्योंकि जब तक शरीर जीवित हैं तब तक शिव और जब मृत हो जाता हैं तो यह शरीर शव हो जाता हैं।अतः जीवित रहते शिव का नाम लेते रहे ताकि मृत्यु होने पर उस शव को शिव अपना ले वह भी तब जब सारी दुनिया उसे छोड़ दे|जगत में शिव एकमात्र ऐसे देववाधि देव हैं जिनकी की पूजा सूर असुर, देव,दानव व मानव सभी ने की हैं।
पंडित शिव गुरू शर्मा ने कहा कि शिवपुराण की रचना करते हुवे व्यासजी ने कहा था कि शिव महापुराण कथा सुनने का सौभाग्य किसी पूर्व जन्म के अच्छे कर्म वाले व्यक्ति को ही प्राप्त होता हैं।शिव महापुराण कथा सुनने व सुनाने वाला दोनों ही शिव कृपा प्राप्त होते हैं।
यह बात चंद्रशेखर आजाद नगर में शिव शक्ति महिला मंडल द्वारा नगर में आयोजित की जा रही शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन की कथा में बडी़ संख्या में उपस्थित शिव भक्तों से कथावाचक पंडित शिव गुरू शर्मा ने कही।देर रात्रि तक नगर के अतिरिक्त आंबुआ,जोबट,आलीराजपूर,नानपूर से आएं शिवभक्तों ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ लिया।
कथा के दौरान कथाकार पंडित शिवगुरू का स्वागत पित वस्त्र व पुष्प माला से शिवशक्ति महिला मंडल द्वारा किया गया|आरती प्रसादी के साथ कथा को विराम दिया गया।

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