जय किसान ऋण माफी योजना में हुई कॉपरेटिव बैंक प्रबंधक सहित तीन की गिरफ्तारी

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शाहिद जैनब

 

जय किसान ऋण माफी योजना में कॉपरेटिव बैंक के अधिकारी द्वारा किसानों के नाम पर फर्जी लोन बताकर एक घोटाला सामने आया था । जिसकी जांच अनुविभागीय अधिकारी पुलिस थांदला कर रहे थे। मंगलवार को पुलिस ने जांच के बाद अपराध क्रमांक 543/ 2021 धारा 419,420,409, 467, 468, 471 इजाफा धारा 120 बी आईपीसी एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 एवं संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13 में मंगलवार को शाखा प्रबंधक पारसिंह पिता धीरज मुनिया उम्र 50 वर्ष निवासी ऋतुराज कॉलोनी , पर्यवेक्षक गुलाब सिंह पिता वर सिंह निनामा उम्र उम्र 49 वर्ष निवासी सहारा कॉलोनी मेघनगर, और कमल सिंह पिता बुचा भूरिया उम्र 47 वर्ष निवासी मोजीपाड़ा को गिरफ्तार किया है । मंगलवार को प्रबंधक और पर्यवेक्षक सहित तीन लोगों की को गिरफ्तार पुलिस ने गिरफ्तार किया । इसके पूर्व एक सहायक प्रबंधक थांदला पवन दीक्षित की हुई थी
आप को बता दे की 2019 में जय किसान ऋण माफी योजना आई थी । इस योजना में जो भी पात्र किसान के हिसाब से उनका ऋण माफ होना था । लेकिन घोटाला यह हुआ कि जो पात्र किसान है उनके नाम और उनको लोन नहीं दिया गया । ऐसे फर्जी नाम बैंक केश बुक में एंट्री करके लोन देना बताया गया जिन्होंने लोन लिया ही नहीं था । तथा इनकी राशि माफ करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया शासन ने स्वीकार हो कर आया तो फर्जी किसानों के नाम उजागर हो गए किसानों के नाम पर लगभग डेढ़ करोड़ का घोटाला बताया जा रहा है। लेकिन सवाल यह भी उठ रहे हैं कि जिन तीन लोगों की मंगलवार को गिरफ्तारी हुई उसमें पारसिंह मुनिया जो वर्तमान में थांदला कार्यरत है वह घोटाला हुआ था तब बामनिया पदस्थ थे तो आखिरकार उनका घोटाले में नाम कैसे आ गया यह चर्चा का विषय बना हुआ है।इस मामले में 4 महीने पहले एक प्रकरण पंजीबद्ध किया हुआ था उसी के आधार पर पहली गिरफ्तारी इस मामले में जांच हुई तो इस कार्य के लिए इन तीनों को उत्तरदाई और जिम्मेदार ठहराया गया है उसी के आधार पर इन को आरोपी बनाया गया है मामले में जांच चल रही है इससे जुड़े जो भी दोषी होंगे उनकी गिरफ्तारी होगी तीनों आरोपियों को न्यायालय पेश किया गया है जहां उन्हें जेल भेज दिया गया।

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