महज कुछ ही घंटो में पुलिस ने किया सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा

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@Voice ऑफ झाबुआ



बामनिया खवासा रोड पर सातेर पुलिया के करीब 31 मार्च को युवक की लाश मिली थी । मृतक की शिनाख्त कमलेश रामा भूरिया के रूप में हुई थी पहली नजर में ही मामला कत्ल का लग रहा था जिसके बाद पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के दिशा निर्देशों के अनुसार मौत की वजह तलाशने में जुट गई नतीजा यह रहा कि महज कुछ ही घंटों में पुलिस ने सनसनीखेज अंधे कत्ल का खुलासा कर दिया है। आज पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस पेटलावद थाने पर आयोजित कर घटना का विवरण किया ।

घटना का विवरण :- फरियादिया सुनीता ने बताया कि 30 मार्च की रात 8 बजे खाना खाकर सो गये थे। फरियादिया के पति कमलेश पिता रामा भूरिया उम्र 28 वर्ष निवासी मुल्थानिया बाहर खाट पर सो रहे थे। 31 मार्च की सुबह 5 बजे फरियादिया ने बाहर जाकर देखा तो उसका पति कमलेश खाट पर नहीं था। उसकी मोटर सायकल भी वहां पर नहीं थी। आसपास तलाश करने पर कहीं कोई पता नहीं लगा। ढूंढते-ढूंढते खवासा रोड़ पर आ रहे थे तो ग्राम सातेर में बामनिया-खवासा रोड़ किनारे फरियादिया के पति कमलेश बेसुध पड़े थे। उसकी मोटर सायकल गिरी पड़ी थी। कमलेश के सिर से खुन निकल रहा था, जिससे कमलेश की मृत्यु हो गई। जिस पर थाना पेटलावद में मर्ग कायम कर जांच में लिया गया।
घटना का खुलासा :-
मामला संदेहास्पद लग रहा था। ऐसा लग रहा था कि हत्या की घटना को दुर्घटना का रूप दिया गया है। Forensic Science Expert डॉ. आर.एस. मुजाल्दा व टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने हेतु भेजा गया। निरीक्षण के दौरान मृतक के गले पर निशान व सिर पर आयी चोट किसी औजार/पत्थर की लग रही थी। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया तो एक तरफ एक रस्सी भी पड़ी हुई थी। पुलिस टीम को शक हुआ कि यह मामला दुर्घटना का ना होकर हत्या का ही है।
जब पीएम करवाया गया तो डॉक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु गला दबाने से दम घुटने के कारण होमिसाइडल होना लेख किया गया, शुरूआत से ही घटना संदिग्ध प्रतित हो रही थी, जिसमें हत्या कहीं ओर करना व उसके बाद घटनास्थल पर मृतक कमलेश के शव को फैंकना लग रहा था। मर्ग जांच में प्रथम दृष्टया मृतक कमलेश की हत्या अज्ञात व्यक्ति द्वारा सिर पर चोट पहुंचाकर व गला घोटकर हत्या करने से होना पाया गया। जिस पर थाना पेटलावद में हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
निर्मम तरीके से की गई हत्या की सनसनीखेज घटना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री आशुतोष गुप्ता द्वारा संपूर्ण घटना को गंभीरता से लेते हुए एसडीओपी पेटलावद सुश्री सोनु डावर के नेतृत्व में टीमें बनाकर संपूर्ण घटनाक्रम के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई।
पुलिस टीमों द्वारा मृतक कमलेश की हत्या के खुलासे हेतु अपने विश्वसनीय मुखबीरों को लगाया गया। पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में बारीकी से संर्चिग की गई। हत्या के कारण का पता लगाने हेतु पुलिस टीम द्वारा मृतक के परिवार के सदस्यो के विस्तृत कथन लिये गये। जिस समय लाश जहां पर मिली थी वहां पर पुलिस टीम ने यह Observe किया कि एक व्यक्ति बबलु के हाव-भाव संदिग्ध लग रहे थे। पुलिस टीम को बबलु पर शक पहले से ही हो गया था।
यह भी जानकारी प्राप्त हुई की मृतक के बड़े भाई कांतु की मृत्यु एक वर्ष पहले ही हुई थी, उसकी मृत्यु के बाद से ही उसकी मोटर सायकल बबलु चलाता था। बबलु वह मोटर सायकल से मृतक कमलेश के घर आया-जाया करता था। बार-बार आने से कमलेश की पत्नी सुनीता से बबलु की अच्छी दोस्ती हो गयी थी।
पुलिस का शुरूआती शक ओर पूख्ता होने पर पुलिस टीम ने बबलु को पुलिस गिरफ्त में लेकर सख्ती से पुछताछ करने पर उसने सारा राज उगल दिया। उसने बताया कि उसका मृतक कमलेश की पत्नी सुनीता के साथ अवैध संबंध था, जिस कारण बबलु व सुनीता मिलकर कमलेश को अपने रास्ते से हटाना चाहते थे। इसके लिए बबलु ने अपने दोस्तो सुरसिंह व कैलाश के साथ मिलकर कमलेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार बबलु व सुरसिंह दोनों रात में कमलेश के घर जाऐगें और उसकी हत्या कर देगें व लाश को इस तरीके से ठीकाने लगायेंगे कि उन पर किसी को शक ना हो। उसके उपरांत कैलाश के घर जाकर छुप जाऐंगे।
30 मार्च की रात्री को योजना के मुताबिक बबलु ने कमलेश को बोला कि वह रात को घर के बाहर जाकर सोए, रात में हमे कहीं काम करने जाना है। जिस पर कमलेश रात को अपने घर के बाहर खाट लगाकर सो गया। रात में आरोपी बबलु व सुरसिंह आये व अंधेरे का फायदा उठाकर एकमत होकर रस्सी से उसके गले को दबाकर गला घोटकर हत्या कर दी। फिर उन्होनें मिलकर मृतक कमलेश को उसकी मोटर सायकल पर बीच में बिठाकर ग्राम सातेर बामनिया-खवासा रोड़ किनारे पर ले जाकर फैंक दिया। उसके बात भी उनको लगा की अभी कमलेश में कुछ जान है तो उन्होने कमलेश के सिर पर पत्थर व चाकुओं से वार किये। उसके बाद कैलाश के घर पर जाकर छुप गये।
सुनीता घर के अंदर ही सो रही थी। जब घटना को अंजाम दिया जा रहा था तो वह अपने बच्चो को अंदर ही सुलाए रखी, जिससे की वह उठ ना जाये। सुबह-सुबह सुनीता अपने पड़ोसी भतीजे लुणा के घर जाकर बोली कि मेरा पति घर पर नहीं है वह कहीं चला गया है। उसके बाद भतीजे लुणा के साथ मिलकर आसपास तलाश करने लगी।
जप्त सामग्री :-
01. हत्या में प्रयुक्त रस्सी
02. हत्या में प्रयुक्त चाकु एवं पत्थर
03. मृतक की मोटर सायकल
04. खुन आलुदा कपड़े
गिरफ्तार आरोपियों के नाम :-
1. बबलु पिता मडिया भूरिया उम्र 35 वर्ष निवासी मुल्थानिया
2. सुरसिंह पिता जीवणा भूरिया उम्र 35 वर्ष निवासी मुल्थानिया
3. कैलाश पिता थावरिया डामोर उम्र 22 वर्ष निवासी काजलिया
4. सुनीता पति कमलेश भूरिया निवासी मुल्थानिया

सराहनीय कार्य में योगदान :-
संपुर्ण घटनाक्रम का खुलासा करने में एसडीओपी पेटलावद सुश्री सोनु डावर, थाना प्रभारी पेटलावद निरी. संजय रावत, एफएसएल अधिकारी श्री आर.एस. मुजाल्दा, फिंगर प्रिंट श्री दिनेश रावत, चौकी प्रभारी बामनिया उनि नरेश निनामा, उनि लोकेन्द्र चौधरी, उनि नीलीमा शर्मा, सउनि फतेसिंह, प्रआर. शब्बीर, आर. दंगल, आर. अनिल, आर. रवि डावर, आर. विजय, आर. प्रीतम, आर.चा. सुनिल, आर. शिवभान एवं आर. 98 मंगलेश पाटीदार, आर. 552 महेश प्रजापति, आर. 573 संदीप बघेल, आर. 193 दीपक पटेल का सराहनीय योगदान रहा। उक्त सराहनीय कार्य पर पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा पुरूस्कृत करने की घोषणा की।

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