क्या अपराधियां को बख्शा नही जायेगा कहने वाले पुलिस अधीक्षक कसेंगे इन पर लगाम?

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@वाॅइस ऑफ झाबुआ

बोरी थाना क्षेत्र जो वैसे तो विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो झाबुआ में आता है और जिले की बात करें तो अलीराजपुर में। सुना था यहां के थाना प्रभारी बडे ही ईमानदार और साफ छवि वाले है… जिनका बोरी क्षेत्र में बडा खौफ है… मगर सुत्रों की मानें तो थाने से महज चंद दुरी पर ही राकेश के मकान के पीछे काफी समय से जुआ सटटा और तितली भमरा संचालित हो रहा है। ये जुआ सटटा झाबुआ से लोकेन्द्र चैहान उर्फ लच्छु और उसका मुनिम सकील उर्फ पदा काफी समय से बोरी क्षेत्र में इस काले कारोबार को संचालित कर रहे है। ये अपराधी लच्छु और बदा समय समय पर अपनी जगह बदले रहते है और अपने इस काले कारोबार को करते रहते है। अभी इन्होने बोरी को अपना निषाना बना है। ये अपराधी इतने शातिर है कि इन्हे पुलिस का भी खौफ नही है और कहते नजर आते है पुलिस तो 500 रूपयें में बीक जाती है… पैसा फेको तमाशा देखा… बोरी थाना प्रभारी भी रूपयों के सामने नतमस्क है तभी तो हम बैखौफ होकर अपने काले कारोबार को आसानी से चलाते है। 500 रूपयें में बिकने वाली पुलिस शिकायत होते ही हमें सुचना दे देती है कि आज कार्रवाई होगी। ऐसा कह कर ये पुलिस की छवि धुमिल करते नजर आ रहे है। बोरी में ये जगह बदल बदल कर इस काले कारोबार को चलते है। सुत्रों का तो यह कहना है कि चद पुलिस वाले इन्हे कार्रवाई के पहले ही सुचना दे देते है।अगर बोरी थाना प्रभारी ईमानदार है तो आखिर क्यों इन अपराधियों पर नकेल क्यों नही कसते है..?. अगर ऐसे ही इन्हे संरक्षण मिलता रहा तो ये धीरे धीरे अन्य अपराधों को बोरी क्षेत्र में बढावा होगा… जिससे भोले भाले आदिवासी इनका शिकार बनते जायेंगे। पुलिस अधीक्षक अपराधियों को बक्षा नही जायेगा कहते है तो इन अपराधियों पर क्यों कार्रवाई नही कर पा रहे है । सुत्रों का तो यह कहना है कि ये लोगों को कहते फिरते है बोरी थाना प्रभारी तो अपनी जेब में 1 लाख 20 हजार रूपये हर महिने बंदी देते हो तो हमारा कोई बिगाड नही सकता है। अब पुलिस को ही हमने खरीद लिया तो हमारा कोई कुछ नही बिगाड सकता… अब देखना यह हे कि अपने को ईमानदार करने वाले बोरी थाना प्रभारी अपनी छवि धुमिल होने देते है या फिर… क्षेत्र में जो जन चर्चा है वो सही है… ये तो वक्त ही बतायेगा।

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