कक्कड के जैसे पेले भाजपा और अब कांग्रेस से कमा रिये है काणोदिया और परपेटा…. सोशल मीडिया पर जम कर हो रिया है सकूल डरेस घोटाले का विरोध..

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    लो भियां मैं फिर आ गिया कुछ कही-अनकही के साथ… भियां भाजपा के राज में कक्कड ने 15 साल खुब कमाया और जब कांग्रेस की सरकार आ गी तो समेंटने में लग गिया था कि मामला उलझ गिया… कांग्रेस और भाजपा दोनों के राज में भियां इसकी चारों अंगुलियां घी में और सिर कडाई में नजर आ रिया है … ऐसा ही भियां पेटलावद के दो वेंडर काणोदिया और परपेटा है…. जिन्होने जननी का नाम ले ले कर भाजपा के राज में खुब कमाया… और अभी भियां कांग्रेस के राज में भी अपनी चांदी कांट रिये है… भियाँ  कक्क्ड़ और इनकी तुलना करें तो ये तीनों भाई भाई है…..  इनको भी पकड़े तो काला धन बहार आएगा …..
      भियां मैं बात कर रिया हुं जिले में करोडों के हुए सकूल डरेस घोटाले की… जिसके  काणोदिया और परपेटा सप्लायर है … जिन्होने भियां भाजपा और कांग्रेस को जननी के नाम की ऐसी गोटी बिठाई कि सकूलों में सकूल डरेस पहुंची ही नही…. और जहां पहुंची वहां नए सत्र में बंटी… जो जांच में बताई थी वो लाये नी… करोड़ो का ऐसा गोलमाल कर  कांग्रेस और भाजपा में इतना कमीशन बंटा कि दोनों पार्टियों के नेता चुप हो गिये… ;यहाँ तक कि मंत्री जी का तो यां आना ही बंद हो गिया… पर क्या करे भियां कक्कड की तरह इनका भी मामला कांग्रेस के राज में उजागर हो गिया…। भियां अगर इनके मामलों की भी जांच की जाये तो ये भी कक्कड के ही दोस्त निकलेंगे… जिन्होने जननी के दामन पर ऐसा दाग लगाया है कि पूछोई मत… पर भियां जननी के सपूत आखिर चुप क्यों है… ये नी समझ आ रिया है… शायद ऐसा तो नी जननी के सपुत भी गांधी छापों के सामने नतमस्तक हो गिये…।
      भियां इस सकूल डरेस घोटाले के उजागर होते ही लोग भी अब गुस्सा हो रिये है… भियां जल्द ही इस मामले को लेकर समाज के कुछ गणमान्य नागरिक न्यायालय के दरवाजे खटखटाने जा रिये है… गुस्सा कुछ एक में नी है सोशल मीडिया पर भी इसका जमकर विरोध हो रिया है… पेटलावद के एक छोरे ने सोशल मीडिया पर इस घोटाले के बारे में जैसे ही पोस्ट की… भियां लोगों का गुस्सा उमडने लग गिया…  जिसे लेकर भियां आंदोलन की बात भी हो री है।
अब जा रिया हुं… लेकिन जाते जाते एक बात और बिता दुं… भियां जिन आदिवासी बच्चों के हक की सकूल डरेस का जो तुमने घोटाला किया है… भियां उसको लेकर जल्द ही आदिवासी समाज सुधारक तुम्हारा काम डालने जा रिये है… खा के पेट भर लिया युं मत समझों…. क्या होने वाला है… जब पता चलेगा… तो खाना पीना दुश्वार हो जायेगा… जिस जननी के नाम पर तुमने जो किया है… उस जननी का दामन भी तार तार होने जा रिया है… वो भी तुम्हारी वजह से… भोत कुछ बाकि था और रे गिय है…. बाद में बिताता हुं… अब जा रिया… जय राम जी की।
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