बामनिया की सरकारी स्कूल राम भरोसे हो रही संचालित

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जब से बामनिया बॉयज स्कूल की बिल्डिंग की मरम्मत करने के आदेश के बाद बच्चों को कन्या शाला स्कूल में सुबह 7:30 से 11:30 किस शिफ्ट में स्कूल संचालित होने के आदेश के बाद ऐसा लगता है कि इस आदेश ने बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर लिया है, 45 मिनट लगने वाला प्रेट अब मात्र 30 मिनट हो गया, और इस समय में रतलाम और नागदा से आने वाले शिक्षक भी समय पर नहीं पहुंच पाते हैं जिसकी वजह से बामनिया सरकारी स्कूल के बच्चों का हाल कुछ ऐसा है कि मानो घर के आंगन में ही खेल कूद कर रहे हो, वहीं कुछ बच्चे क्लास रूम में बैठकर ग्रुप बनाकर पब्जी गेम या लूडो खेल रहे हैं तो वहीं कुछ बच्चे स्कूल के ग्राउंड में ही घूमते हुए देखे जा सकते हैं , और क्लास रूम की कमी की वजह से 11वीं और 12वीं के बच्चों को एक साथ बैठाया जा रहा है उसमें भी शिक्षक मौके पर अनुपस्थित मिले और 9 वी के लगभग डेढ़ सौ बच्चों का एक क्लास रूम में बिठाया और जगह ना होने पर कुछ बच्चे बाहर बैठकर पढ़ाई करते हुए देखने को मिले

अब सवाल यह उठता है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला कौन है शिक्षक, शासन प्रशासन, क्योंकि मरम्मत के आदेश के बाद भी लगभग 2 महीने बीत चुके हैं पर अभी तक बॉयज स्कूल मरम्मत के नाम से दरवाजा नहीं खुला..

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