हत्या कारित करने वाले आरोपी को हुआ आजीवन कारावास

31

न्‍यायालय विशेष न्‍यायाधीश महेन्‍द्रसिंह तोमर , झाबुआ, जिला झाबुआ द्वारा आरोपी रतन पिता दल्‍लु भाबोर, निवासी छोटी बलवन, थाना कल्‍याणपुरा, जिला झाबुआ को दिनांक 07.09.2022 को दोषी पाते हुये धारा 302/34 भा.दं.सं. में आजीवन कारावास तथा 5000 रुपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया।शासन की ओर से प्रकरण में संचालन विशेष लोक अभियोजक,  के.एस. मुवेल, उप-संचालक (अभियोजन), झाबुआ, जिला झाबुआ द्वारा किया गया। जिला मीडिया प्रभारी (अभियोजन) सुश्री सूरज वैरागी, एडीपीओ झाबुआ, द्वारा बताया गया कि दिनांक 14.11.2020 को सूचनाकर्ता नानसिंह द्वारा थाना कल्‍याणपुरा में अपने भाई पारसिंह उम्र 25 वर्ष की लाश बावड़ी फाटे पर पड़ी होने व उसके सिर व चेहरे पर चोट होने के संबंध में सूचना की गई। सूचना पर से मर्ग इंटीमेशन कायम कर घटना स्‍थल पर जाकर बारीकी से निरीक्षण करने पर सड़क पर खून पाया गया एवं सड़क से मृतक को घसीटकर ले जाना पाया गया। शव के बारीकी निरीक्षण से पाया कि मृतक की ठुड्डी, मुँह, चेहरे व ऑंख पर चोटें थी व सिर के पीछे गंभीर चोटें होकर सिर के अंदर का भाग निकल रहा था। जॉंच के दौरान शव का पी.एम. करवाया गया तथा साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गए। साक्षीगणों द्वारा बताया गया कि मृतक के मोबाईल पर दिनांक 13.11.2020 को किसी महिला का फोन आना, मृतक द्वारा अपनी मोटर साईकिल से अकेले जाना और वापस नहीं आना और लाश का मिलना, इस पर से अज्ञात व्‍यक्ति आरोपी के विरुद्ध धारा 302, 201 भा.दं.वि. की रिपोर्ट दर्ज कर अपराध अनुसंधान में लेकर मृतक के मोबाईल की कॉल डिटेल संग्रहित कर आरोपियों को ज्ञात कर गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर आरोपी रतन भाबोर ने बताया कि मृतक पारसिंह मेरी पत्‍नी को बार-बार फोन लगाता था और बात करता था। इस कारण मैंने अपनी पत्‍नी से फोन लगवाकर बावड़ी फाटे पर बुलाया उसके बाद मैंने अपने नाबालिग भतीजे के साथ मिलकर राड़ से पारसिंह को मारा जिसके कारण पारसिंह का सिर फट गया था और उसकी मृत्‍यु हो गई थी फिर हम लोग घटनास्‍थल से भाग गये थे। पुलिस थाना कल्‍याणपुरा द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र न्‍यायालय में पेश किया गया।न्‍यायालय विशेष न्‍यायाधीश महेन्‍द्रसिंह तोमर, झाबुआ, जिला झाबुआ द्वारा आरोपी रतन पिता दल्‍लु भाबोर, निवासी छोटी बलवन, थाना कल्‍याणपुरा, जिला झाबुआ (मध्‍य प्रदेश) को दिनांक 07.09.2022 को दोषी पाते हुये धारा 302/34 भा.दं.सं. में आजीवन कारावास तथा 5000 रुपये के अर्थदण्‍ड से दण्डित किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here