ऑलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की के साथ देव झूलनी ग्यारस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया

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करवड़ से विनोद शर्मा

आलकी के पालकी जय कन्हैयालाल की के जयकारों के साथ प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी ढोल ग्यारस पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जिसमें आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण जन भी शामिल हुए ढोल ग्यारस पर्व मनाने का यह कारण है कि इस दिन भगवान नगर भ्रमण करवाया जाता है इस नगर भ्रमण के माध्यम से प्रभु श्री कृष्ण नगर भ्रमण के साथ प्रभु कृष्ण के जल स्नान करवाएं जाते हैं ऐसी मान्यता है कि प्राचीन समय से ही ढोल ग्यारस का एक विशेष महत्व रहा है और बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है जो झूले नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए जलस्त्रोतों पर पहुंचे जहां भगवान को स्नान करा कर आरती की जाती है एवं प्रसादी का वितरण किया जाता है ढोल जगमोहन मंदिर और श्री राम मंदिर व चारभुजा मंदिर आदि मंदिरों के ढोल झूले नगर भ्रमण किया

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